अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सरसिज लोचन बाहु बिसाला। जटा मुकुट सिर उर बनमाला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकमल-सदृश नेत्र और विशाल भुजावाले, सिरपर जटाओंका मुकुट और हृदयपर वनमाला धारण किये हुए सुन्दर साँवले और गोरे दोनों भाइयोंके चरणोंमें शबरीजी लिपट पड़ीं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 666 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सरसिज लोचन बाहु बिसाला। जटा मुकुट सिर उर बनमाला।।
स्याम गौर सुंदर दोउ भाई। सबरी परी चरन लपटाई।।
स्रोत अभिलेख 3.34 · पुस्तक पृ. 666, 666
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सरसिज लोचन बाहु बिसाला। जटा मुकुट सिर उर बनमाला।।
English explanation
Their eyes were lotus-like and their arms mighty; crowns of matted hair adorned their heads, and garlands of forest flowers their chests.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सरसिज | कमल जैसे | lotus-like |
| लोचन | नेत्र | eyes |
| बाहु | भुजाएँ | arms |
| बिसाला | विशाल | mighty and long |
| जटा | जटाओं का | of matted hair |
| मुकुट | मुकुट | crown |
| सिर | सिर पर | on the head |
| उर | वक्ष पर | on the chest |
| बनमाला | वनफूलों की माला | garland of forest flowers |
2 स्याम गौर सुंदर दोउ भाई। सबरी परी चरन लपटाई।।
English explanation
Both brothers were beautiful—Rama dark and Lakshmana fair; Shabari fell at their feet, clasping them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्याम | श्याम वर्ण वाले राम | dark-complexioned Rama |
| गौर | गौर वर्ण वाले लक्ष्मण | fair-complexioned Lakshmana |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाई | brothers |
| सबरी | शबरी | Shabari |
| परी | गिर पड़ी | fell down |
| चरन | चरणों से | their feet |
| लपटाई | लिपट गई | clasped |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.34
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 666
- सहायक विषय
- शबरीपर कृपा, नवधा भक्ति-उपदेश और पम्पासरकी ओर प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 666, 666
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।