अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
ताहि देइ गति राम उदारा। सबरी कें आश्रम पगु धारा।।
मूल पाठ
ताहि देइ गति राम उदारा। सबरी कें आश्रम पगु धारा।।
सबरी देखि राम गृहँ आए। मुनि के बचन समुझि जियँ भाए।।
स्रोत अभिलेख 3.34 · पुस्तक पृ. 666, 666
भावार्थ
मूल पाठ के बादउदार श्रीरामजी उसे गति देकर शबरीजीके आश्रममें पधारे। शबरीजीने श्रीरामचन्द्रजीको घरमें आये देखा, तब मुनि मतङ्गजीके वचनोंको याद करके उनका मन प्रसन्न हो गया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 666 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 ताहि देइ गति राम उदारा। सबरी कें आश्रम पगु धारा।।
English explanation
Having granted him a blessed destination, gracious Rama entered Shabari’s hermitage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ताहि | उसे | to him |
| देइ | देकर | having given |
| गति | सद्गति | a blessed destination |
| राम | राम | Rama |
| उदारा | उदार | gracious |
| सबरी | भक्त शबरी | Shabari, the devotee |
| कें | के | of |
| आश्रम | आश्रम में | into the hermitage |
| पगु | पैर | foot |
| धारा | रखा | placed |
2 सबरी देखि राम गृहँ आए। मुनि के बचन समुझि जियँ भाए।।
English explanation
Shabari saw that Rama had come to her dwelling; recalling the sage’s words, she rejoiced in her heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सबरी | शबरी ने | Shabari |
| देखि | देखा | saw |
| राम | राम को | Rama |
| गृहँ | घर में | to her dwelling |
| आए | आए हुए | having arrived |
| मुनि | मुनि मतंग | the sage Matanga |
| के | के | of |
| बचन | वचन | words |
| समुझि | याद करके समझा | recalling and recognizing |
| जियँ | हृदय में | in her heart |
| भाए | प्रसन्न हुई | rejoiced |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.34
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 666
- सहायक विषय
- शबरीपर कृपा, नवधा भक्ति-उपदेश और पम्पासरकी ओर प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 666, 666
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।