अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सकल मुनिन्ह सन बिदा कराई। सीता सहित चले द्वौ भाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[इसलिये] सब मुनियोंसे विदा लेकर सीताजीसहित दोनों भाई चले! जब प्रभु अत्रिजीके आश्रममें गये, तो उनका आगमन सुनते ही महामुनि हॢषत हो गये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 622 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सकल मुनिन्ह सन बिदा कराई। सीता सहित चले द्वौ भाई।।
अत्रि के आश्रम जब प्रभु गयऊ। सुनत महामुनि हरषित भयऊ।।
स्रोत अभिलेख 3.3 · पुस्तक पृ. 622, 623
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सकल मुनिन्ह सन बिदा कराई। सीता सहित चले द्वौ भाई।।
English explanation
Taking leave of all the sages, the two brothers, Rama and Lakshmana, departed with Sita.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सकल | सभी | all |
| मुनिन्ह | मुनियों | the sages |
| सन | से | from |
| बिदा | विदाई | leave; farewell |
| कराई | ली; विदाई की व्यवस्था की | took; arranged to take |
| सीता | सीता, राम की पत्नी | Sita, Rama’s wife |
| सहित | के साथ | with |
| चले | चल पड़े | departed |
| द्वौ | दोनों | both; the two |
| भाई | भाई, राम और लक्ष्मण | brothers, Rama and Lakshmana |
2 अत्रि के आश्रम जब प्रभु गयऊ। सुनत महामुनि हरषित भयऊ।।
English explanation
When Lord Rama reached Atri’s hermitage, the great sage rejoiced on hearing of his arrival.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अत्रि | ऋषि अत्रि | the sage Atri |
| के | के | of; belonging to |
| आश्रम | आश्रम में | to the hermitage |
| जब | जब | when |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| गयऊ | गए; पहुँचे | went; arrived |
| सुनत | सुनते ही | on hearing |
| महामुनि | महान मुनि अत्रि | the great sage Atri |
| हरषित | प्रसन्न | delighted |
| भयऊ | हुए | became |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 622
- सहायक विषय
- अत्रि-मिलन एवं स्तुति
- मुद्रित पृष्ठ
- 622, 623
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।