अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
संकुल लता बिटप घन कानन। बहु खग मृग तहँ गज पंचानन।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दवह सघन वन लताओं और वृक्षोंसे भरा है। उसमें बहुत-से पक्षी, मृग, हाथी और सिंह रहते हैं। श्रीरामजीने रास्तेमें आते हुए कबंध राक्षसको मार डाला। उसने अपने शापकी सारी बात कही॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 665 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
संकुल लता बिटप घन कानन। बहु खग मृग तहँ गज पंचानन।।
आवत पंथ कबंध निपाता। तेहिं सब कही साप कै बाता।।
स्रोत अभिलेख 3.33 · पुस्तक पृ. 665, 665
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 संकुल लता बिटप घन कानन। बहु खग मृग तहँ गज पंचानन।।
English explanation
The dense forest was crowded with creepers and trees; there were many birds, wild animals, elephants, and lions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संकुल | भरा हुआ; सघन | crowded with; full of |
| लता | लताएँ | creepers; vines |
| बिटप | वृक्ष | trees |
| घन | घना | dense |
| कानन | वन | forest |
| बहु | बहुत से | many |
| खग | पक्षी | birds |
| मृग | वन्य पशु; हिरन आदि | wild animals; deer and the like |
| तहँ | वहाँ | there |
| गज | हाथी | elephants |
| पंचानन | सिंह | lions |
2 आवत पंथ कबंध निपाता। तेहिं सब कही साप कै बाता।।
English explanation
As they proceeded along the path, Rama struck down Kabandha. Kabandha told the whole story of his curse.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आवत | आते हुए; आगे बढ़ते हुए | coming along; proceeding |
| पंथ | मार्ग में | on the path |
| कबंध | कबंध नामक राक्षस को | Kabandha, the demon |
| निपाता | मार गिराया | struck down; slew |
| तेहिं | उसने; कबंध ने | he; Kabandha |
| सब | सारी | all; the whole |
| कही | बताई | told; related |
| साप | शाप | curse |
| कै | की | of; concerning |
| बाता | बात; कथा | account; story |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.33
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 665
- सहायक विषय
- कबन्ध-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 665, 665
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