अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लै दच्छिन दिसि गयउ गोसाई। बिलपति अति कुररी की नाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे गोसाईं! वह उन्हें लेकर दक्षिण दिशाको गया है। सीताजी कुररी (कुर्ज) की तरह अत्यन्त विलाप कर रही थीं। हे प्रभो! मैंने आपके दर्शनोंके लिये ही प्राण रोक रखे थे। हे कृपानिधान! अब ये चलना ही चाहते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 662 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
लै दच्छिन दिसि गयउ गोसाई। बिलपति अति कुररी की नाई।।
दरस लागी प्रभु राखेंउँ प्राना। चलन चहत अब कृपानिधाना।।
स्रोत अभिलेख 3.31 · पुस्तक पृ. 662, 663
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 लै दच्छिन दिसि गयउ गोसाई। बिलपति अति कुररी की नाई।।
English explanation
Lord, he took Sita southward; she was lamenting intensely like a kurari bird.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लै | लेकर | taking her |
| दच्छिन | दक्षिण | southern |
| दिसि | दिशा में | in the direction |
| गयउ | गया | went |
| गोसाई | हे स्वामी | O Lord |
| बिलपति | विलाप करती हुई सीता | Sita lamenting |
| अति | बहुत | intensely |
| कुररी | करुण पुकार वाले कुररी पक्षी | a plaintively crying kurari bird |
| की | की | of |
| नाई | तरह | in the manner |
2 दरस लागी प्रभु राखेंउँ प्राना। चलन चहत अब कृपानिधाना।।
English explanation
Lord, I kept myself alive to see you. O treasury of compassion, my life now longs to depart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दरस | आपके दर्शन | the sight of you |
| लागी | के लिए | for the sake of |
| प्रभु | हे प्रभु | O Lord |
| राखेंउँ | मैंने रखे हैं | I have preserved |
| प्राना | प्राण | my life |
| चलन | प्रस्थान करना | to depart |
| चहत | चाहते हैं | wish |
| अब | अब | now |
| कृपानिधाना | हे कृपा के भंडार | O treasury of compassion |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 662
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका विलाप, जटायुका प्रसंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 662, 663
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।