अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम कहा तनु राखहु ताता। मुख मुसकाइ कही तेहिं बाता।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामचन्द्रजीने कहा—हे तात! शरीरको बनाये रखिये। तब उसने मुसकराते हुए मुँहसे यह बात कही—मरते समय जिनका नाम मुखमें आ जानेसे अधम (महान् पापी) भी मुक्त हो जाता है, ऐसा वेद गाते हैं—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 662 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
राम कहा तनु राखहु ताता। मुख मुसकाइ कही तेहिं बाता।।
जा कर नाम मरत मुख आवा। अधमउ मुकुत होई श्रुति गावा।।
स्रोत अभिलेख 3.31 · पुस्तक पृ. 662, 663
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राम कहा तनु राखहु ताता। मुख मुसकाइ कही तेहिं बाता।।
English explanation
Rama said, “Dear elder, keep your body alive.” Jatayu smiled and spoke these words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम ने | Rama |
| कहा | कहा | said |
| तनु | शरीर | the body |
| राखहु | बनाए रखिए | keep alive |
| ताता | हे तात, आदरणीय बुजुर्ग | dear, respected elder |
| मुख | मुख पर | on his face |
| मुसकाइ | मुस्कुराकर | smiling |
| कही | कही | spoke |
| तेहिं | उस जटायु ने | he, Jatayu |
| बाता | बात | these words |
2 जा कर नाम मरत मुख आवा। अधमउ मुकुत होई श्रुति गावा।।
English explanation
The Vedas proclaim that even the most fallen is liberated when his name comes to their lips at death.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जा | जिनका | whose |
| कर | का | possessive marker |
| नाम | नाम | name |
| मरत | मरते समय | while dying |
| मुख | मुख में | to the lips |
| आवा | आ जाए | comes |
| अधमउ | अत्यंत अधम भी | even the most fallen |
| मुकुत | मुक्त | liberated |
| होई | हो जाता है | becomes |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| गावा | गाते हैं, घोषित करते हैं | proclaim |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.31
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 662
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका विलाप, जटायुका प्रसंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 662, 663
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