अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रुप रासि बिधि नारि सँवारी। रति सत कोटि तासु बलिहारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दविधाताने उस स्त्रीको ऐसी रूपकी राशि बनाया है कि सौ करोड़ रति (कामदेवकी स्त्री) उसपर निछावर हैं। उन्हींके छोटे भाईने मेरे नाक-कान काट डाले। मैं तेरी बहिन हूँ, यह सुनकर वे मेरी हँसी करने लगे॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 651 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रुप रासि बिधि नारि सँवारी। रति सत कोटि तासु बलिहारी।।
तासु अनुज काटे श्रुति नासा। सुनि तव भगिनि करहिं परिहासा।।
स्रोत अभिलेख 3.22 · पुस्तक पृ. 650, 651
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 रुप रासि बिधि नारि सँवारी। रति सत कोटि तासु बलिहारी।।
English explanation
The Creator has fashioned that woman as a treasury of beauty; even a billion Ratis would offer themselves in homage to her.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रुप | सौंदर्य | beauty |
| रासि | राशि, भंडार | treasury; abundance |
| बिधि | विधाता, ब्रह्मा | the Creator, Brahma |
| नारि | स्त्री को | the woman |
| सँवारी | सँवारा, सुंदर बनाया | fashioned beautifully |
| रति | रति, कामदेव की पत्नी | Rati, consort of the god of love |
| सत | सौ | one hundred |
| कोटि | करोड़ | ten million |
| तासु | उस पर, सीता पर | to her, Sita |
| बलिहारी | न्योछावर, बलि जाएँ | would offer themselves in homage |
2 तासु अनुज काटे श्रुति नासा। सुनि तव भगिनि करहिं परिहासा।।
English explanation
Rama’s younger brother cut off my ears and nose; on hearing that I am your sister, they mock me.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उसके, राम के | his, Rama’s |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण ने | his younger brother Lakshmana |
| काटे | काट दिए | cut off |
| श्रुति | कान | ears |
| नासा | नाक | nose |
| सुनि | सुनकर | on hearing |
| तव | तुम्हारी | your |
| भगिनि | बहन होने की बात | that I am your sister |
| करहिं | वे करते हैं | they do |
| परिहासा | उपहास | mockery |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 651
- सहायक विषय
- शूर्पणखाका रावणके निकट जाना, श्रीसीताजीका अग्रि-प्रवेश और माया-सीता
- मुद्रित पृष्ठ
- 650, 651
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।