अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अतुलित बल प्रताप द्वौ भ्राता। खल बध रत सुर मुनि सुखदाता।।
मूल पाठ
अतुलित बल प्रताप द्वौ भ्राता। खल बध रत सुर मुनि सुखदाता।।
सोभाधाम राम अस नामा। तिन्ह के संग नारि एक स्यामा।।
स्रोत अभिलेख 3.22 · पुस्तक पृ. 650, 651
भावार्थ
मूल पाठ के बाददोनों भाइयोंका बल और प्रताप अतुलनीय है। वे दुष्टोंके वध करनेमें लगे हैं और देवता तथा मुनियोंको सुख देनेवाले हैं। वे शोभाके धाम हैं, 'राम ऐसा उनका नाम है। उनके साथ एक तरुणी सुन्दरी स्त्री है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 650 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 अतुलित बल प्रताप द्वौ भ्राता। खल बध रत सुर मुनि सुखदाता।।
English explanation
The two brothers possess incomparable strength and prowess. They are devoted to slaying the wicked and bring happiness to gods and sages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अतुलित | अतुलनीय | incomparable |
| बल | शक्ति | strength |
| प्रताप | प्रताप, प्रभावशाली वीरता | prowess and might |
| द्वौ | दोनों | both |
| भ्राता | भाई | brothers |
| खल | दुष्टों के | of the wicked |
| बध | वध में | in slaying |
| रत | लगे हुए | engaged; devoted |
| सुर | देवताओं को | to gods |
| मुनि | मुनियों को | to sages |
| सुखदाता | सुख देने वाले | givers of happiness |
2 सोभाधाम राम अस नामा। तिन्ह के संग नारि एक स्यामा।।
English explanation
The one who is an abode of beauty is named Rama. A beautiful young woman accompanies them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोभाधाम | शोभा के धाम | abode of beauty |
| राम | राम, दशरथ के पुत्र | Rama, son of Dasharatha |
| अस | ऐसा | such |
| नामा | नाम | name |
| तिन्ह | उनके, उन भाइयों के | them, the brothers |
| के | के | with |
| संग | साथ | in company |
| नारि | स्त्री, यहाँ सीता | woman, here Sita |
| एक | एक | one |
| स्यामा | सुंदर युवती | beautiful young woman |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 650
- सहायक विषय
- शूर्पणखाका रावणके निकट जाना, श्रीसीताजीका अग्रि-प्रवेश और माया-सीता
- मुद्रित पृष्ठ
- 650, 651
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।