अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मुनि पद कमल नाइ करि सीसा। चले बनहि सुर नर मुनि ईसा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमुनिके चरणकमलोंमें सिर नवाकर देवता, मनुष्य और मुनियोंके स्वामी श्रीरामजी वनको चले। आगे श्रीरामजी हैं और उनके पीछे छोटे भाई लक्ष्मणजी हैं। दोनों ही मुनियोंका सुन्दर वेष बनाये अत्यन्त सुशोभित हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 628 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मुनि पद कमल नाइ करि सीसा। चले बनहि सुर नर मुनि ईसा।।
आगे राम अनुज पुनि पाछें। मुनि बर बेष बने अति काछें।।
स्रोत अभिलेख 3.7 · पुस्तक पृ. 628, 629
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मुनि पद कमल नाइ करि सीसा। चले बनहि सुर नर मुनि ईसा।।
English explanation
Bowing his head at the sage’s lotus feet, Rama, lord of gods, humans, and sages, proceeded into the forest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि के | of the sage |
| पद | चरण | feet |
| कमल | कमल-समान | lotus-like |
| नाइ | झुकाकर | having bowed |
| करि | करके | having done so |
| सीसा | सिर | head |
| चले | चले | proceeded |
| बनहि | वन की ओर | into the forest |
| सुर | देवताओं के | of the gods |
| नर | मनुष्यों के | of humans |
| मुनि | मुनियों के | of sages |
| ईसा | स्वामी राम | the lord, Rama |
2 आगे राम अनुज पुनि पाछें। मुनि बर बेष बने अति काछें।।
English explanation
Rama was in front and his younger brother Lakshmana behind; dressed in fine ascetic attire, they looked most graceful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आगे | आगे | in front |
| राम | राम | Rama |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | his younger brother Lakshmana |
| पुनि | और फिर | and then |
| पाछें | पीछे | behind |
| मुनि | मुनियों का | ascetic |
| बर | उत्तम | fine |
| बेष | वेश | attire |
| बने | सुशोभित थे | looked graceful |
| अति | बहुत | very |
| काछें | सजे हुए | arrayed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.7
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 628
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका आगे प्रस्थान, विराध-वध और शरभङ्ग-प्रसङ्ग
- मुद्रित पृष्ठ
- 628, 629
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।