अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मित्र करइ सत रिपु कै करनी। ता कहँ बिबुधनदी बैतरनी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमित्र सैकड़ों शत्रुओंकी-सी करनी करने लगता है। देवनदी गङ्गाजी उसके लिये वैतरणी (यमपुरीकी नदी) हो जाती है। हे भाई! सुनिये, जो श्रीरघुनाथजीके विमुख होता है, समस्त जगत् उसके लिये अग्रिसे भी अधिक गरम (जलानेवाला) हो जाता है॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 621 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मित्र करइ सत रिपु कै करनी। ता कहँ बिबुधनदी बैतरनी।।
सब जगु ताहि अनलहु ते ताता। जो रघुबीर बिमुख सुनु भ्राता।।
स्रोत अभिलेख 3.2 · पुस्तक पृ. 621, 622
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मित्र करइ सत रिपु कै करनी। ता कहँ बिबुधनदी बैतरनी।।
English explanation
A friend acts like a hundred enemies; for him even the divine river Ganga becomes the Vaitarani.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मित्र | मित्र | a friend |
| करइ | करता है | does |
| सत | सौ | a hundred |
| रिपु | शत्रुओं | enemies |
| कै | की | of |
| करनी | करनी; व्यवहार | deeds; conduct |
| ता | उस व्यक्ति | that person |
| कहँ | के लिए | for |
| बिबुधनदी | देवनदी गंगा | Ganga, the divine river |
| बैतरनी | वैतरणी नदी | the Vaitarani river |
2 सब जगु ताहि अनलहु ते ताता। जो रघुबीर बिमुख सुनु भ्राता।।
English explanation
Listen, brother: for one turned away from Rama, the whole world is hotter even than fire.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सारा | the whole |
| जगु | संसार | world |
| ताहि | उसके लिए | for him |
| अनलहु | अग्नि भी | even fire |
| ते | से | than |
| ताता | अधिक गरम; तपाने वाला | hotter; more scorching |
| जो | जो व्यक्ति | one who |
| रघुबीर | रघुवीर राम से | from Rama, hero of Raghu’s line |
| बिमुख | विमुख है | is turned away |
| सुनु | सुनो | listen |
| भ्राता | हे भाई | O brother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 621
- सहायक विषय
- जयन्तकी कुटिलता और फलप्राप्ति
- मुद्रित पृष्ठ
- 621, 622
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।