अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मधुकर मुखर भेरि सहनाई। त्रिबिध बयारि बसीठीं आई।।
मूल पाठ
मधुकर मुखर भेरि सहनाई। त्रिबिध बयारि बसीठीं आई।।
चतुरंगिनी सेन सँग लीन्हें। बिचरत सबहि चुनौती दीन्हें।।
स्रोत अभिलेख 3.38 · पुस्तक पृ. 670, 671
भावार्थ
मूल पाठ के बादभौंरोंकी गुंजार भेरी और शहनाई है। शीतल, मन्द और सुगन्धित हवा मानो दूतका काम लेकर आयी है। इस प्रकार चतुरङ्गिणी सेना साथ लिये कामदेव मानो सबको चुनौती देता हुआ विचर रहा है॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 671 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मधुकर मुखर भेरि सहनाई। त्रिबिध बयारि बसीठीं आई।।
English explanation
The loudly buzzing bees are like drums and shawms; the breeze with its three qualities has come as a messenger.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मधुकर | भौंरे | bees |
| मुखर | गूँजते हुए | loudly buzzing |
| भेरि | भेरी, बड़ा नगाड़ा | large drums |
| सहनाई | शहनाई | shawms |
| त्रिबिध | तीन प्रकार के गुणों वाली | having three qualities |
| बयारि | हवा | breeze |
| बसीठीं | दूत बनकर | as a messenger |
| आई | आई है | has come |
2 चतुरंगिनी सेन सँग लीन्हें। बिचरत सबहि चुनौती दीन्हें।।
English explanation
The god of desire roams with his fourfold army, challenging everyone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चतुरंगिनी | चार अंगों वाली | fourfold |
| सेन | सेना | army |
| सँग | साथ | along |
| लीन्हें | लिए हुए | having taken |
| बिचरत | विचरण करते हुए | roaming |
| सबहि | सबको | to everyone |
| चुनौती | चुनौती | a challenge |
| दीन्हें | देते हुए | giving |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 671
- सहायक विषय
- शबरीपर कृपा, नवधा भक्ति-उपदेश और पम्पासरकी ओर प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 670, 671
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।