अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
प्रगटत दुरत करत छल भूरी। एहि बिधि प्रभुहि गयउ लै दूरी।।
मूल पाठ
प्रगटत दुरत करत छल भूरी। एहि बिधि प्रभुहि गयउ लै दूरी।।
तब तकि राम कठिन सर मारा। धरनि परेउ करि घोर पुकारा।।
स्रोत अभिलेख 3.27 · पुस्तक पृ. 655, 656
भावार्थ
मूल पाठ के बादइस प्रकार प्रकट होता और छिपता हुआ तथा बहुतेरे छल करता हुआ वह प्रभुको दूर ले गया। तब श्रीरामचन्द्रजीने तककर (निशाना साधकर) कठोर बाण मारा, [जिसके लगते ही] वह घोर शब्द करके पृथ्वीपर गिर पड़ा॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 656 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 प्रगटत दुरत करत छल भूरी। एहि बिधि प्रभुहि गयउ लै दूरी।।
English explanation
Appearing and disappearing, it practiced many deceptions. In this way it led the Lord far away.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रगटत | प्रकट होता हुआ | appearing |
| दुरत | छिपता हुआ | hiding |
| करत | करता हुआ | practicing |
| छल | छल | deception |
| भूरी | बहुत | much |
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | way |
| प्रभुहि | प्रभु को | the Lord |
| गयउ | गया | went |
| लै | लेकर | taking |
| दूरी | दूर | far away |
2 तब तकि राम कठिन सर मारा। धरनि परेउ करि घोर पुकारा।।
English explanation
Then Rama took aim and shot a powerful arrow. Maricha fell to the ground with a terrible cry.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| तकि | निशाना साधकर | taking aim |
| राम | राम ने | Rama |
| कठिन | प्रबल; कठोर | powerful; fierce |
| सर | बाण | arrow |
| मारा | चलाया | shot |
| धरनि | धरती पर | to the ground |
| परेउ | गिर पड़ा | fell |
| करि | करके | uttering |
| घोर | भयंकर | terrible |
| पुकारा | पुकार | cry |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.27
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 656
- सहायक विषय
- मारीचप्रसंग और स्वर्ण-मृगरूपमें मारीचका मारा जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 655, 656
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।