अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पंपा सरहि जाहु रघुराई। तहँ होइहि सुग्रीव मिताई।।
मूल पाठ
पंपा सरहि जाहु रघुराई। तहँ होइहि सुग्रीव मिताई।।
सो सब कहिहि देव रघुबीरा। जानतहूँ पूछहु मतिधीरा।।
स्रोत अभिलेख 3.36 · पुस्तक पृ. 667, 668
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[शबरीने कहा—] हे रघुनाथजी! आप पंपा नामक सरोवरको जाइये, वहाँ आपकी सुग्रीवसे मित्रता होगी। हे देव! हे रघुवीर! वह सब हाल बतावेगा। हे धीरबुद्धि! आप सब जानते हुए भी मुझसे पूछते हैं!॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 668 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 पंपा सरहि जाहु रघुराई। तहँ होइहि सुग्रीव मिताई।।
English explanation
O lord of Raghu’s lineage, go to Lake Pampa. There you will form a friendship with Sugriva.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पंपा | पंपा नामक | named Pampa |
| सरहि | सरोवर को | to the lake |
| जाहु | जाइए | go |
| रघुराई | हे रघुकुल के स्वामी राम | O Rama, lord of Raghu’s lineage |
| तहँ | वहाँ | there |
| होइहि | होगी | will arise |
| सुग्रीव | वानरराज सुग्रीव से | with Sugriva, the monkey king |
| मिताई | मित्रता | friendship |
2 सो सब कहिहि देव रघुबीरा। जानतहूँ पूछहु मतिधीरा।।
English explanation
O Lord, hero of Raghu’s lineage, he will tell you everything. O steadfast-minded one, you ask even though you know.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | वह; सुग्रीव | he, Sugriva |
| सब | सब कुछ | everything |
| कहिहि | बताएगा | will tell |
| देव | हे प्रभु | O Lord |
| रघुबीरा | हे रघुकुल के वीर राम | O Rama, hero of Raghu’s lineage |
| जानतहूँ | जानते हुए भी | even though knowing |
| पूछहु | आप पूछते हैं | you ask |
| मतिधीरा | हे धीरबुद्धि वाले | O steadfast-minded one |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 668
- सहायक विषय
- शबरीपर कृपा, नवधा भक्ति-उपदेश और पम्पासरकी ओर प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 667, 668
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।