अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाग असुर सुर नर मुनि जेते। देखे जिते हते हम केते।।
मूल पाठ
नाग असुर सुर नर मुनि जेते। देखे जिते हते हम केते।।
हम भरि जन्म सुनहु सब भाई। देखी नहिं असि सुंदरताई।।
स्रोत अभिलेख 3.19 · पुस्तक पृ. 645, 646
भावार्थ
मूल पाठ के बादजितने भी नाग, असुर, देवता, मनुष्य और मुनि हैं, उनमेंसे हमने न जाने कितने ही देखे, जीते और मार डाले हैं। पर हे सब भाइयो! सुनो, हमने जन्मभरमें ऐसी सुन्दरता कहीं नहीं देखी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 645 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नाग असुर सुर नर मुनि जेते। देखे जिते हते हम केते।।
English explanation
Among serpent beings, demons, gods, humans, and sages, we have seen, defeated, and slain so many.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाग | नाग जाति के प्राणी | serpent beings |
| असुर | असुर | demons |
| सुर | देवता | gods |
| नर | मनुष्य | humans |
| मुनि | मुनि | sages |
| जेते | जितने भी | all those |
| देखे | देखे | seen |
| जिते | जीते | defeated |
| हते | मारे | slain |
| हम | हमने | we |
| केते | कितने ही | so many |
2 हम भरि जन्म सुनहु सब भाई। देखी नहिं असि सुंदरताई।।
English explanation
Listen, all you brothers: never in our whole lives have we seen such beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हम | हमने | we |
| भरि | भर | throughout |
| जन्म | जीवन | our lives |
| सुनहु | सुनो | listen |
| सब | सभी | all |
| भाई | भाइयो | brothers |
| देखी | देखी | seen |
| नहिं | नहीं | not |
| असि | ऐसी | such |
| सुंदरताई | सुंदरता | beauty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.19
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 645
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 645, 646
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।