अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नवनि नीच कै अति दुखदाई। जिमि अंकुस धनु उरग बिलाई।।
मूल पाठ
नवनि नीच कै अति दुखदाई। जिमि अंकुस धनु उरग बिलाई।।
भयदायक खल कै प्रिय बानी। जिमि अकाल के कुसुम भवानी।।
स्रोत अभिलेख 3.24 · पुस्तक पृ. 652, 653
भावार्थ
मूल पाठ के बादनीचका झुकना (नम्रता) भी अत्यन्त दु:खदायी होता है। जैसे अङ्कुश, धनुष, साँप और बिल्लीका झुकना। हे भवानी! दुष्टकी मीठी वाणी भी [उसी प्रकार] भय देनेवाली होती है, जैसे बिना ऋतुके फूल!॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 652 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 नवनि नीच कै अति दुखदाई। जिमि अंकुस धनु उरग बिलाई।।
English explanation
The bending of a base person brings great harm, like the bending of an elephant goad, a bow, a snake, or a cat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नवनि | झुकना; झुकाव | bending; bowing |
| नीच | नीच व्यक्ति | a base person |
| कै | का | of |
| अति | अत्यंत | very |
| दुखदाई | दुख पहुँचाने वाला | harmful; causing suffering |
| जिमि | जैसे | like |
| अंकुस | हाथी को नियंत्रित करने का अंकुश | an elephant goad |
| धनु | धनुष | a bow |
| उरग | साँप | a snake |
| बिलाई | बिल्ली | a cat |
2 भयदायक खल कै प्रिय बानी। जिमि अकाल के कुसुम भवानी।।
English explanation
O Bhavani, a wicked person’s sweet words are ominous, like flowers blooming out of season.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भयदायक | भय उत्पन्न करने वाली | fearsome; ominous |
| खल | दुष्ट व्यक्ति | a wicked person |
| कै | की | of |
| प्रिय | मीठी; प्रिय लगने वाली | sweet; pleasing |
| बानी | वाणी; बातें | speech; words |
| जिमि | जैसे | like |
| अकाल | असमय; ऋतु से बाहर | an untimely season |
| के | के | of |
| कुसुम | फूल | flowers |
| भवानी | हे भवानी, पार्वती | O Bhavani, goddess Parvati |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 652
- सहायक विषय
- मारीचप्रसंग और स्वर्ण-मृगरूपमें मारीचका मारा जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 652, 653
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।