अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धीरज धर्म मित्र अरु नारी। आपद काल परिखिअहिं चारी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दधैर्य, धर्म, मित्र और स्त्री—इन चारोंकी विपत्तिके समय ही परीक्षा होती है। वृद्ध, रोगी, मूर्ख, निर्धन, अन्धा, बहरा, क्रोधी और अत्यन्त ही दीन—॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 625 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
धीरज धर्म मित्र अरु नारी। आपद काल परिखिअहिं चारी।।
बृद्ध रोगबस जड़ धनहीना। अधं बधिर क्रोधी अति दीना।।
स्रोत अभिलेख 3.5 · पुस्तक पृ. 625, 627
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 धीरज धर्म मित्र अरु नारी। आपद काल परिखिअहिं चारी।।
English explanation
Patience, righteousness, a friend, and a wife—these four are tested in adversity.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धीरज | धैर्य | patience |
| धर्म | धर्माचरण | righteous conduct |
| मित्र | मित्र | friend |
| अरु | और | and |
| नारी | पत्नी | wife |
| आपद | संकट | adversity |
| काल | के समय | at the time of |
| परिखिअहिं | परखे जाते हैं | are tested |
| चारी | चारों | all four |
2 बृद्ध रोगबस जड़ धनहीना। अधं बधिर क्रोधी अति दीना।।
English explanation
Even if a husband is old, diseased, dull-witted, penniless, blind, deaf, ill-tempered, or utterly helpless—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बृद्ध | बूढ़ा | old |
| रोगबस | रोग के वश में | afflicted by disease |
| जड़ | मंदबुद्धि | dull-witted |
| धनहीना | धन से रहित | penniless |
| अधं | अंधा | blind |
| बधिर | बहरा | deaf |
| क्रोधी | क्रोध करने वाला | ill-tempered |
| अति | अत्यंत | extremely |
| दीना | दीन; असहाय | wretched; helpless |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 625
- सहायक विषय
- श्रीसीता-अनसूया-मिलन और श्रीसीताजीको अनसूयाजीका पातिव्रतधर्म कहना
- मुद्रित पृष्ठ
- 625, 627
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।