अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धर्म तें बिरति जोग तें ग्याना। ग्यान मोच्छप्रद बेद बखाना।।
मूल पाठ
धर्म तें बिरति जोग तें ग्याना। ग्यान मोच्छप्रद बेद बखाना।।
जातें बेगि द्रवउँ मैं भाई। सो मम भगति भगत सुखदाई।।
स्रोत अभिलेख 3.16 · पुस्तक पृ. 640, 641
भावार्थ
मूल पाठ के बादधर्म (के आचरण) से वैराग्य और योगसे ज्ञान होता है तथा ज्ञान मोक्षका देनेवाला है—ऐसा वेदोंने वर्णन किया है। और हे भाई! जिससे मैं शीघ्र ही प्रसन्न होता हूँ, वह मेरी भक्ति है जो भक्तोंको सुख देनेवाली है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 640 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 धर्म तें बिरति जोग तें ग्याना। ग्यान मोच्छप्रद बेद बखाना।।
English explanation
Righteous practice leads to dispassion, and yoga to knowledge. The Vedas describe knowledge as granting liberation.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धर्म | धर्माचरण | righteous practice |
| तें | से | from |
| बिरति | वैराग्य | dispassion |
| जोग | योग-साधना | yogic discipline |
| तें | से | from |
| ग्याना | ज्ञान | knowledge |
| ग्यान | ज्ञान को | knowledge |
| मोच्छप्रद | मोक्ष देने वाला | granting liberation |
| बेद | वेदों ने | the Vedas |
| बखाना | बताया है | have described |
2 जातें बेगि द्रवउँ मैं भाई। सो मम भगति भगत सुखदाई।।
English explanation
Brother, what quickly moves my heart is devotion to me, which brings joy to devotees.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जातें | जिससे | by which |
| बेगि | शीघ्र | quickly |
| द्रवउँ | द्रवित होता हूँ | am moved with tenderness |
| मैं | मैं, राम | I, Rama |
| भाई | हे भाई लक्ष्मण | brother Lakshmana |
| सो | वह | that |
| मम | मेरी | my |
| भगति | भक्ति | devotion |
| भगत | भक्तों को | to devotees |
| सुखदाई | सुख देने वाली | bringing joy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.16
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 640
- सहायक विषय
- पञ्चवटी-निवास और श्रीराम-लक्ष्मण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 640, 641
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