अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि राम अति रुचिर तलावा। मज्जनु कीन्ह परम सुख पावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामजीने अत्यन्त सुन्दर तालाब देखकर स्नान किया और परम सुख पाया। एक सुन्दर उत्तम वृक्षकी छाया देखकर श्रीरघुनाथजी छोटे भाई लक्ष्मणजीसहित बैठ गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 673 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
देखि राम अति रुचिर तलावा। मज्जनु कीन्ह परम सुख पावा।।
देखी सुंदर तरुबर छाया। बैठे अनुज सहित रघुराया।।
स्रोत अभिलेख 3.41 · पुस्तक पृ. 673, 674
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 देखि राम अति रुचिर तलावा। मज्जनु कीन्ह परम सुख पावा।।
English explanation
AI draft: Seeing a very beautiful lake, Rama bathed and found supreme delight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| राम | श्रीराम | Rama |
| अति | अत्यंत | very |
| रुचिर | सुंदर | beautiful |
| तलावा | तालाब | lake |
| मज्जनु | स्नान | bathing |
| कीन्ह | किया | performed |
| परम | अत्यधिक | supreme |
| सुख | सुख | delight |
| पावा | पाया | obtained |
2 देखी सुंदर तरुबर छाया। बैठे अनुज सहित रघुराया।।
English explanation
Seeing the lovely shade of a fine tree, Rama, lord of the Raghu lineage, sat with his younger brother Lakshmana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखी | देखी | saw |
| सुंदर | सुंदर | lovely |
| तरुबर | श्रेष्ठ वृक्ष की | of a fine tree |
| छाया | छाया | shade |
| बैठे | बैठ गए | sat down |
| अनुज | छोटे भाई लक्ष्मण | younger brother Lakshmana |
| सहित | के साथ | with |
| रघुराया | रघुकुल के स्वामी राम | Rama, lord of the Raghu lineage |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.41
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 673
- सहायक विषय
- शबरीपर कृपा, नवधा भक्ति-उपदेश और पम्पासरकी ओर प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 673, 674
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।