अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दसमुख सकल कथा तेहि आगें। कही सहित अभिमान अभागें।।
मूल पाठ
दसमुख सकल कथा तेहि आगें। कही सहित अभिमान अभागें।।
होहु कपट मृग तुम्ह छलकारी। जेहि बिधि हरि आनौ नृपनारी।।
स्रोत अभिलेख 3.25 · पुस्तक पृ. 653, 653
भावार्थ
मूल पाठ के बादभाग्यहीन रावणने सारी कथा अभिमानसहित उसके सामने कही [और फिर कहा—] तुम छल करनेवाले कपट-मृग बनो, जिस उपायसे मैं उस राजवधूको हर लाऊँ॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 653 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दसमुख सकल कथा तेहि आगें। कही सहित अभिमान अभागें।।
English explanation
The ill-fated, ten-headed Ravana proudly told Maricha the whole story.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दसमुख | दस मुखों वाला रावण | Ravana, the ten-headed king |
| सकल | सारी | the whole |
| कथा | कथा; घटनाओं का वृत्तांत | story; account of events |
| तेहि | उसके; मारीच के | him; Maricha |
| आगें | सामने | before |
| कही | कही; सुनाई | told; narrated |
| सहित | के साथ | with |
| अभिमान | अभिमान | pride |
| अभागें | अभागे ने; दुर्भाग्यग्रस्त रावण ने | the ill-fated one; Ravana |
2 होहु कपट मृग तुम्ह छलकारी। जेहि बिधि हरि आनौ नृपनारी।।
English explanation
You skilled deceiver, become a deceptive deer, so that I may abduct and bring away Sita, the prince’s wife.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| होहु | बन जाओ | become |
| कपट | छलमय; बनावटी | deceptive; assumed |
| मृग | हिरण | deer |
| तुम्ह | तुम; मारीच | you; Maricha |
| छलकारी | छल करने वाले | you deceiver |
| जेहि | जिस | by which |
| बिधि | विधि; उपाय | means; method |
| हरि | हरकर; अपहरण करके | having abducted |
| आनौ | मैं ले आऊँ | I may bring away |
| नृपनारी | राजपत्नी सीता | Sita, the prince’s wife |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.25
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 653
- सहायक विषय
- मारीचप्रसंग और स्वर्ण-मृगरूपमें मारीचका मारा जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 653, 653
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।