अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि पूछा सब कहेसि बुझाई। जातुधान सुनि सेन बनाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउन्होंने पूछा, तब शूर्पणखाने सब समझाकर कहा। सब सुनकर राक्षसोंने सेना तैयार की। राक्षससमूह झुंड-के-झुंड दौड़े। मानो पंखधारी काजलके पर्वतोंका झुंड हो॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 643 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तेहि पूछा सब कहेसि बुझाई। जातुधान सुनि सेन बनाई।।
धाए निसिचर निकर बरूथा। जनु सपच्छ कज्जल गिरि जूथा।।
स्रोत अभिलेख 3.18 · पुस्तक पृ. 643, 644
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तेहि पूछा सब कहेसि बुझाई। जातुधान सुनि सेन बनाई।।
English explanation
When he asked, Shurpanakha explained everything. Hearing this, the demon assembled his army.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उसने | he |
| पूछा | पूछा | asked |
| सब | सब कुछ | everything |
| कहेसि | उसने कहा | she related |
| बुझाई | समझाकर | explaining clearly |
| जातुधान | राक्षस ने | the demon |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| सेन | सेना | army |
| बनाई | तैयार की | assembled |
2 धाए निसिचर निकर बरूथा। जनु सपच्छ कज्जल गिरि जूथा।।
English explanation
Bands and formations of demons rushed forward, like clusters of winged mountains black as soot.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धाए | दौड़ पड़े | rushed forward |
| निसिचर | राक्षस | demons |
| निकर | दल | bands |
| बरूथा | सैन्य-समूह | military formations |
| जनु | मानो | as though |
| सपच्छ | पंखों वाले | winged |
| कज्जल | काजल जैसे काले | soot-black |
| गिरि | पर्वत | mountains |
| जूथा | झुंड | clusters |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 643
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 643, 644
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।