अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तुम्हरेइँ भजन प्रभाव अघारी। जानउँ महिमा कछुक तुम्हारी।।
मूल पाठ
तुम्हरेइँ भजन प्रभाव अघारी। जानउँ महिमा कछुक तुम्हारी।।
ऊमरि तरु बिसाल तव माया। फल ब्रह्मांड अनेक निकाया।।
स्रोत अभिलेख 3.13 · पुस्तक पृ. 637, 638
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे पापोंका नाश करनेवाले! मैं तो आपहीके भजनके प्रभावसे आपकी कुछ थोड़ी-सी महिमा जानता हूँ। आपकी माया गूलरके विशाल वृक्षके समान है, अनेकों ब्रह्माण्डोंके समूह ही जिसके फल हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 637 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तुम्हरेइँ भजन प्रभाव अघारी। जानउँ महिमा कछुक तुम्हारी।।
English explanation
O destroyer of sin, through the power of devotion to you alone, I know something of your greatness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्हरेइँ | आपके ही | of you alone |
| भजन | भजन; भक्तिपूर्ण उपासना | devotional worship |
| प्रभाव | प्रभाव से | through the power |
| अघारी | हे पापों के शत्रु; पापनाशक | O foe of sin; destroyer of sin |
| जानउँ | मैं जानता हूँ | I know |
| महिमा | महिमा | greatness |
| कछुक | कुछ | a little |
| तुम्हारी | आपकी | your |
2 ऊमरि तरु बिसाल तव माया। फल ब्रह्मांड अनेक निकाया।।
English explanation
Your maya is a vast cluster-fig tree, whose fruits are hosts of countless universes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ऊमरि | गूलर का | cluster-fig |
| तरु | वृक्ष | tree |
| बिसाल | विशाल | vast |
| तव | आपकी | your |
| माया | माया; जगत रचने वाली शक्ति | maya; world-manifesting power |
| फल | फल | fruits |
| ब्रह्मांड | ब्रह्मांडों के | of universes |
| अनेक | अनेक | many |
| निकाया | समूह | hosts; multitudes |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.13
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 637
- सहायक विषय
- सुतीक्ष्णजीका प्रेम, अगस्त्य-मिलन, अगस्त्य-संवाद, रामका दण्डक-वन-प्रवेश और जटायु-मिलन
- मुद्रित पृष्ठ
- 637, 638
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।