अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब रावन निज रूप देखावा। भई सभय जब नाम सुनावा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतब रावणने अपना असली रूप दिखलाया और जब नाम सुनाया तब तो सीताजी भयभीत हो गयीं। उन्होंने गहरा धीरज धरकर कहा—'अरे दुष्ट! खड़ा तो रह, प्रभु आ गये॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 657 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तब रावन निज रूप देखावा। भई सभय जब नाम सुनावा।।
कह सीता धरि धीरजु गाढ़ा। आइ गयउ प्रभु रहु खल ठाढ़ा।।
स्रोत अभिलेख 3.28 · पुस्तक पृ. 656, 658
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तब रावन निज रूप देखावा। भई सभय जब नाम सुनावा।।
English explanation
Then Ravana revealed his true form. When he declared his name, Sita became afraid.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| रावन | राक्षसराज रावण ने | Ravana, king of demons |
| निज | अपना | his own |
| रूप | वास्तविक रूप | true form |
| देखावा | दिखाया | revealed |
| भई | सीता हो गईं | Sita became |
| सभय | भयभीत | afraid |
| जब | जब | when |
| नाम | अपना नाम | his name |
| सुनावा | बताया | announced |
2 कह सीता धरि धीरजु गाढ़ा। आइ गयउ प्रभु रहु खल ठाढ़ा।।
English explanation
Gathering firm courage, Sita said, ‘My lord has arrived; stay where you are, villain!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| सीता | सीता ने | Sita |
| धरि | धारण करके | having mustered |
| धीरजु | धैर्य | courage; composure |
| गाढ़ा | दृढ़ | firm |
| आइ | आ | come |
| गयउ | पहुँचे हैं | has arrived |
| प्रभु | मेरे प्रभु राम | my lord Rama |
| रहु | रह | remain |
| खल | हे दुष्ट | O villain |
| ठाढ़ा | खड़ा | standing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.28
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 657
- सहायक विषय
- मारीचप्रसंग और स्वर्ण-मृगरूपमें मारीचका मारा जाना · श्रीसीताहरण और श्रीसीता-विलाप
- मुद्रित पृष्ठ
- 656, 658
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।