अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब मारीच हृदयँ अनुमाना। नवहि बिरोधें नहिं कल्याना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतब मारीचने हृदयमें अनुमान किया कि शस्त्री (शस्त्रधारी), मर्मी (भेद जाननेवाला), समर्थ स्वामी, मूर्ख, धनवान्, वैद्य, भाट, कवि और रसोइया—इन नौ व्यक्तियोंसे विरोध (वैर) करनेमें कल्याण (कुशल) नहीं होता॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 654 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तब मारीच हृदयँ अनुमाना। नवहि बिरोधें नहिं कल्याना।।
सस्त्री मर्मी प्रभु सठ धनी। बैद बंदि कबि भानस गुनी।।
स्रोत अभिलेख 3.26 · पुस्तक पृ. 654, 654
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तब मारीच हृदयँ अनुमाना। नवहि बिरोधें नहिं कल्याना।।
English explanation
Then Maricha reflected inwardly that opposing nine kinds of people brings no good.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| मारीच | राक्षस मारीच | Maricha, the demon |
| हृदयँ | हृदय में | in his heart |
| अनुमाना | विचार किया; निष्कर्ष निकाला | reflected; concluded |
| नवहि | नौ प्रकार के लोगों से | with nine kinds of people |
| बिरोधें | विरोध करने पर | when opposing |
| नहिं | नहीं | not |
| कल्याना | भलाई; कुशलता | good; well-being |
2 सस्त्री मर्मी प्रभु सठ धनी। बैद बंदि कबि भानस गुनी।।
English explanation
They are: an armed person, one who knows one's vulnerabilities, a master, a fool, a wealthy person, a physician, a bard-poet, and a skilled cook.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सस्त्री | शस्त्रधारी व्यक्ति | an armed person |
| मर्मी | मर्म या कमजोरियाँ जानने वाला | one who knows one's vulnerabilities |
| प्रभु | स्वामी; अधिकार रखने वाला | master; person in authority |
| सठ | मूर्ख; दुष्टबुद्धि व्यक्ति | fool; ill-minded person |
| धनी | धनवान | wealthy person |
| बैद | वैद्य | physician |
| बंदि | भाट; प्रशस्ति गाने वाला | bard; praise-singer |
| कबि | कवि | poet |
| भानस | रसोइया | cook |
| गुनी | निपुण; कुशल | skilled; proficient |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.26
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 654
- सहायक विषय
- मारीचप्रसंग और स्वर्ण-मृगरूपमें मारीचका मारा जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 654, 654
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।