अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जाति पाँति कुल धर्म बड़ाई। धन बल परिजन गुन चतुराई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजाति, पाँति, कुल, धर्म, बड़ाई, धन, बल, कुटुम्ब, गुण और चतुरता—इन सबके होनेपर भी भक्तिसे रहित मनुष्य कैसा लगता है, जैसे जलहीन बादल [शोभाहीन] दिखायी पड़ता है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 667 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जाति पाँति कुल धर्म बड़ाई। धन बल परिजन गुन चतुराई।।
भगति हीन नर सोहइ कैसा। बिनु जल बारिद देखिअ जैसा।।
स्रोत अभिलेख 3.35 · पुस्तक पृ. 666, 667
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जाति पाँति कुल धर्म बड़ाई। धन बल परिजन गुन चतुराई।।
English explanation
Caste, social standing, lineage, religious observance, prestige, wealth, strength, kin, virtues, and cleverness—the next line describes a person lacking devotion despite these.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाति | जाति | caste |
| पाँति | सामाजिक पाँति या स्थान | social rank or grouping |
| कुल | वंश या परिवार | lineage or family |
| धर्म | धर्माचरण | religious observance |
| बड़ाई | प्रतिष्ठा | prestige |
| धन | धन | wealth |
| बल | शक्ति | strength |
| परिजन | परिवारजन | kin |
| गुन | गुण | virtues |
| चतुराई | चतुरता | cleverness |
2 भगति हीन नर सोहइ कैसा। बिनु जल बारिद देखिअ जैसा।।
English explanation
How does a person without devotion appear? Like a cloud seen without water.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भगति | भक्ति से | of devotion |
| हीन | रहित | devoid |
| नर | मनुष्य | a person |
| सोहइ | शोभता है | appears in splendor |
| कैसा | कैसा | how |
| बिनु | बिना | without |
| जल | जल | water |
| बारिद | बादल | a cloud |
| देखिअ | दिखाई देता है | is seen |
| जैसा | जैसा | just as |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 667
- सहायक विषय
- शबरीपर कृपा, नवधा भक्ति-उपदेश और पम्पासरकी ओर प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 666, 667
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।