अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह मुनि प्रभु सुनु बिनती मोरी। अस्तुति करौं कवन बिधि तोरी।।
मूल पाठ
कह मुनि प्रभु सुनु बिनती मोरी। अस्तुति करौं कवन बिधि तोरी।।
महिमा अमित मोरि मति थोरी। रबि सन्मुख खद्योत अँजोरी।।
स्रोत अभिलेख 3.11 · पुस्तक पृ. 633, 635
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुनि कहने लगे—हे प्रभो! मेरी विनती सुनिये। मैं किस प्रकारसे आपकी स्तुति करूँ? आपकी महिमा अपार है और मेरी बुद्धि अल्प है। जैसे सूर्यके सामने जुगनूका उजाला!॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 633 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 कह मुनि प्रभु सुनु बिनती मोरी। अस्तुति करौं कवन बिधि तोरी।।
English explanation
AI draft translation: The sage says, “Lord, hear my plea. How can I praise you?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहते हैं | says |
| मुनि | मुनि सुतीक्ष्ण | the sage Sutikshna |
| प्रभु | हे प्रभु राम | O Lord Rama |
| सुनु | सुनिए | listen |
| बिनती | विनती | plea |
| मोरी | मेरी | my |
| अस्तुति | स्तुति | praise |
| करौं | मैं करूँ | may I offer |
| कवन | किस | what |
| बिधि | विधि से | in what manner |
| तोरी | आपकी | your |
2 महिमा अमित मोरि मति थोरी। रबि सन्मुख खद्योत अँजोरी।।
English explanation
Your glory is boundless, while my understanding is small—like a firefly’s light before the sun.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महिमा | आपकी महिमा | your glory |
| अमित | असीम | immeasurable |
| मोरि | मेरी | my |
| मति | बुद्धि | understanding |
| थोरी | अल्प | small |
| रबि | सूर्य | the sun |
| सन्मुख | के सामने | before |
| खद्योत | जुगनू | a firefly |
| अँजोरी | प्रकाश | light |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 633
- सहायक विषय
- सुतीक्ष्णजीका प्रेम, अगस्त्य-मिलन, अगस्त्य-संवाद, रामका दण्डक-वन-प्रवेश और जटायु-मिलन
- मुद्रित पृष्ठ
- 633, 635
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।