अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
करउँ सदा तिन्ह कै रखवारी। जिमि बालक राखइ महतारी।।
मूल पाठ
करउँ सदा तिन्ह कै रखवारी। जिमि बालक राखइ महतारी।।
गह सिसु बच्छ अनल अहि धाई। तहँ राखइ जननी अरगाई।।
स्रोत अभिलेख 3.43 · पुस्तक पृ. 675, 676
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैं सदा उनकी वैसे ही रखवाली करता हूँ जैसे माता बालककी रक्षा करती है। छोटा बच्चा जब दौड़कर आग और साँपको पकडऩे जाता है तो वहाँ माता उसे [अपने हाथों] अलग करके बचा लेती है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 675 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 करउँ सदा तिन्ह कै रखवारी। जिमि बालक राखइ महतारी।।
English explanation
I always protect them, as a mother protects her child.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करउँ | मैं करता हूँ | I perform |
| सदा | सदा | always |
| तिन्ह | उन भक्तों | those devotees |
| कै | की | of |
| रखवारी | रक्षा | protection |
| जिमि | जैसे | as |
| बालक | बच्चे को | the child |
| राखइ | बचाती है | protects |
| महतारी | माता | a mother |
2 गह सिसु बच्छ अनल अहि धाई। तहँ राखइ जननी अरगाई।।
English explanation
When a little child runs to grasp a scorpion, fire, or a snake, the mother holds the child back and protects it. The reading ‘बच्छ’ is uncertain here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गह | पकड़ने | to grasp |
| सिसु | छोटा बच्चा | a little child |
| बच्छ | संभवतः बिच्छू | probably a scorpion |
| अनल | आग | fire |
| अहि | साँप | a snake |
| धाई | दौड़कर | running |
| तहँ | उस स्थिति में | then |
| राखइ | बचाती है | protects |
| जननी | माता | the mother |
| अरगाई | रोककर | holding back |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.43
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 675
- सहायक विषय
- नारद-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 675, 676
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।