अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निज कर भूषन राम बनाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दएक बार सुन्दर फूल चुनकर श्रीरामजीने अपने हाथोंसे भाँति-भाँतिके गहने बनाये और सुन्दर स्फटिकशिलापर बैठे हुए प्रभुने आदरके साथ वे गहने श्रीसीताजीको पहनाये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 620 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निज कर भूषन राम बनाए।।
सीतहि पहिराए प्रभु सादर। बैठे फटिक सिला पर सुंदर।।
स्रोत अभिलेख 3.1 · पुस्तक पृ. 620, 620
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 एक बार चुनि कुसुम सुहाए। निज कर भूषन राम बनाए।।
English explanation
Once, Rama gathered beautiful flowers and made ornaments with his own hands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक | one |
| बार | बार, अवसर पर | occasion |
| चुनि | चुनकर | having gathered |
| कुसुम | फूल | flowers |
| सुहाए | सुंदर | beautiful |
| निज | अपने | his own |
| कर | हाथों से | with his hands |
| भूषन | आभूषण | ornaments |
| राम | श्रीराम ने | Rama |
| बनाए | बनाए | made |
2 सीतहि पहिराए प्रभु सादर। बैठे फटिक सिला पर सुंदर।।
English explanation
The Lord respectfully adorned Sita with them and sat on a beautiful crystal rock.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सीतहि | सीता को | to Sita |
| पहिराए | पहनाए | put the ornaments on |
| प्रभु | प्रभु श्रीराम ने | Lord Rama |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| बैठे | बैठे | sat |
| फटिक | स्फटिक की | crystal |
| सिला | शिला | rock |
| पर | पर | on |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 620
- सहायक विषय
- जयन्तकी कुटिलता और फलप्राप्ति
- मुद्रित पृष्ठ
- 620, 620
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।