अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
असगुन अमित होहिं भयकारी। गनहिं न मृत्यु बिबस सब झारी।।
मूल पाठ
असगुन अमित होहिं भयकारी। गनहिं न मृत्यु बिबस सब झारी।।
गर्जहि तर्जहिं गगन उड़ाहीं। देखि कटकु भट अति हरषाहीं।।
स्रोत अभिलेख 3.18 · पुस्तक पृ. 643, 644
भावार्थ
मूल पाठ के बादअनगिनत भयङ्कर अशकुन हो रहे हैं। परन्तु मृत्युके वश होनेके कारण वे सब-के-सब उनको कुछ गिनते ही नहीं। गरजते हैं, ललकारते हैं और आकाशमें उड़ते हैं। सेना देखकर योद्धालोग बहुत ही हॢषत होते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 644 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 असगुन अमित होहिं भयकारी। गनहिं न मृत्यु बिबस सब झारी।।
English explanation
Countless frightening ill omens occurred, but all of them, in death’s power, paid no heed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| असगुन | अपशकुन | ill omens |
| अमित | असंख्य | countless |
| होहिं | होते हैं | occur |
| भयकारी | भय पैदा करने वाले | frightening |
| गनहिं | महत्त्व देते हैं | heed |
| न | नहीं | not |
| मृत्यु | मृत्यु के | of death |
| बिबस | वश में पड़े | in the power |
| सब | सब | all |
| झारी | सभी के सभी | every one of them |
2 गर्जहि तर्जहिं गगन उड़ाहीं। देखि कटकु भट अति हरषाहीं।।
English explanation
They roared, threatened, and flew through the sky. Seeing the army, the warriors rejoiced greatly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गर्जहि | गर्जते हैं | roar |
| तर्जहिं | धमकाते हैं | threaten |
| गगन | आकाश में | in the sky |
| उड़ाहीं | उड़ते हैं | fly |
| देखि | देखकर | seeing |
| कटकु | सेना | army |
| भट | योद्धा | warriors |
| अति | बहुत | greatly |
| हरषाहीं | प्रसन्न होते हैं | rejoice |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 644
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 643, 644
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।