अरण्यकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अवध नृपति दसरथ के जाए। पुरुष सिंघ बन खेलन आए।।
मूल पाठ
अवध नृपति दसरथ के जाए। पुरुष सिंघ बन खेलन आए।।
समुझि परी मोहि उन्ह कै करनी। रहित निसाचर करिहहिं धरनी।।
स्रोत अभिलेख 3.22 · पुस्तक पृ. 650, 651
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[वह बोली—] अयोध्याके राजा दशरथके पुत्र, जो पुरुषोंमें सिं हके समान हैं, वनमें शिकार खेलने आये हैं। मुझे उनकी करनी ऐसी समझ पड़ी है कि वे पृथ्वीको राक्षसोंसे रहित कर देंगे॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 650 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अवध नृपति दसरथ के जाए। पुरुष सिंघ बन खेलन आए।।
English explanation
The sons of Dasharatha, king of Ayodhya, are lion-like men who have come to roam in the forest.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अवध | अवध, अयोध्या | Ayodhya |
| नृपति | राजा | king |
| दसरथ | दशरथ, राम और लक्ष्मण के पिता | Dasharatha, father of Rama and Lakshmana |
| के | के | of |
| जाए | जन्मे पुत्र | sons born to him |
| पुरुष | पुरुष | men |
| सिंघ | सिंह-समान वीर | lion-like in valor |
| बन | वन में | in the forest |
| खेलन | विचरण करने, विहार करने | to roam or sport |
| आए | आए हैं | have come |
2 समुझि परी मोहि उन्ह कै करनी। रहित निसाचर करिहहिं धरनी।।
English explanation
I have understood what they are doing: they will rid the earth of demons.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समुझि | समझ में | into understanding |
| परी | आ गई | became clear |
| मोहि | मुझे | to me |
| उन्ह | उनकी, राम और लक्ष्मण की | their, Rama and Lakshmana’s |
| कै | की | of |
| करनी | करनी, कार्य | deeds; undertaking |
| रहित | रहित, मुक्त | free of |
| निसाचर | राक्षसों से | demons |
| करिहहिं | वे कर देंगे | they will make |
| धरनी | धरती को | the earth |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 3.22
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 650
- सहायक विषय
- शूर्पणखाका रावणके निकट जाना, श्रीसीताजीका अग्रि-प्रवेश और माया-सीता
- मुद्रित पृष्ठ
- 650, 651
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।