मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड 7.66
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिर | then | |
| प्रभु राम | Lord Rama | |
| गीध जटायु की | of the vulture Jatayu | |
| अंत्येष्टि; अंतिम संस्कार | funeral rites | |
| जिस प्रकार | how | |
| की | performed | |
| वध करके | having slain | |
| राक्षस कबंध को | Kabandha, a demon | |
| भक्त शबरी को | to Shabari, the devotee | |
| परम गति; मुक्ति | liberation; the highest spiritual state | |
| दी | granted |
भावार्थ
फिर बताया कि प्रभु राम ने गीध जटायु की अंत्येष्टि किस प्रकार की, कबंध का वध किया और शबरी को परम गति दी।
Then he related how Lord Rama performed Jatayu’s funeral rites, slew Kabandha, and granted Shabari liberation.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| फिर | next; again | |
| वियोग की पीड़ा | anguish of separation | |
| वर्णन करते हुए; वर्णन किया | describing; recounted | |
| रघुकुल के वीर राम का | of Rama, hero of Raghu’s lineage | |
| जिस | which; in which | |
| प्रकार | manner | |
| गए | went | |
| सरोवर के | of the lake | |
| तट पर | to the shore |
भावार्थ
फिर रघुवीर राम के विरह और उनके सरोवर के तट पर जाने का वर्णन किया।
Next he described Rama’s anguish in separation and how he went to the shore of the lake.
दोहा · पृ. 970
प्रभु नारद संबाद कहि मारुति मिलन प्रसंग।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| नारद | देवर्षि नारद | Narada, the divine sage |
| संबाद | संवाद; बातचीत | dialogue; conversation |
| कहि | कहकर; वर्णन करके | having recounted |
| मारुति | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind god |
| मिलन | भेंट; मिलना | meeting |
| प्रसंग | प्रसंग; घटना का वर्णन | episode; account |
भावार्थ
AI प्रारूप: प्रभु राम और नारद का संवाद कहकर, फिर हनुमान से मिलन का प्रसंग कहा।
AI draft: After recounting the dialogue between Lord Rama and Narada, the episode of meeting Hanuman was narrated.
पुनि सुग्रीव मिताई बालि प्रान कर भंग॥ ६६ (क)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर; इसके बाद | then; afterward |
| सुग्रीव | वानर सुग्रीव से | with Sugriva, the vanara |
| मिताई | मित्रता | friendship |
| बालि | सुग्रीव के भाई बालि के | of Bali, Sugriva’s brother |
| प्रान | प्राण; जीवन | life; vital breath |
करटिप्पणीयहाँ संबंधसूचक अवधी रूप है, ‘करना’ क्रिया नहीं। / Here an Awadhi genitive marker, not the verb ‘to do’. | का | of |
| भंग | अंत; नाश | ending; destruction |
| क | पद-संदर्भ का चिह्न (क) | verse-reference marker (क) |
भावार्थ
फिर सुग्रीव से मित्रता और बालि के प्राणों के अंत का प्रसंग कहा।
Then came the account of friendship with Sugriva and the ending of Bali’s life.
कपिहि तिलक करि प्रभु कृत सैल प्रबरषन बास।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
कपिहिटिप्पणी‘हि’ यहाँ कर्म/संप्रदान का चिह्न है। / ‘हि’ marks the object or recipient here. | वानर सुग्रीव को | to Sugriva, the vanara |
| तिलक | राजतिलक; राज्याभिषेक | royal anointing; coronation |
| करि | करके | having performed |
| प्रभु | प्रभु राम ने | Lord Rama |
कृतटिप्पणी‘कृत ... बास’ का अर्थ ‘निवास किया’ है। / ‘कृत ... बास’ means ‘took up residence’. | किया | made; undertook |
| सैल | पर्वत पर | on the mountain |
प्रबरषनटिप्पणीवर्षा-संबंधी पर्वतनाम; प्रवरषण/प्रवर्षण से संबंधित रूप। / A rain-related mountain name, corresponding to Pravarshana/Pravarṣaṇa. | प्रबरषन नामक पर्वत | the mountain named Prabarashan |
| बास | निवास | residence |
भावार्थ
सुग्रीव का राजतिलक करके प्रभु राम ने प्रबरषन पर्वत पर निवास किया।
After installing Sugriva as king, Lord Rama resided on Mount Prabarashan.
बरनन बर्षा सरद अरु राम रोष कपि त्रास॥ ६६ (ख)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरनन | वर्णन | description; narration |
| बर्षा | वर्षा ऋतु | the rainy season |
| सरद | शरद ऋतु | autumn |
| अरु | और | and |
| राम | प्रभु राम का | of Lord Rama |
| रोष | क्रोध | anger |
| कपि | वानर सुग्रीव का | of Sugriva, the vanara |
| त्रास | भय; घबराहट | fear; alarm |
| ख | पद-संदर्भ का चिह्न (ख) | verse-reference marker (ख) |
भावार्थ
फिर वर्षा और शरद ऋतुओं का वर्णन, राम के क्रोध और सुग्रीव के भय का प्रसंग कहा।
Next were described the rainy and autumn seasons, Rama’s anger, and Sugriva’s fear.