मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड दोहा · पृ. 957
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।15 / 15 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रेम | love | |
| के साथ | with | |
| ऋषि | sage | |
| नारद मुनि | Narada, the divine sage | |
| वर्णन करके | having described | |
| भगवान राम के | of Lord Rama | |
| गुणों का | virtues | |
| समूह | multitude |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: मुनि नारद ने प्रेमपूर्वक राम के अनेक गुणों का वर्णन किया।
AI-draft meaning: Sage Narada lovingly described Rama’s many virtues.
॥ ५१॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| शोभा के सागर राम को | Rama, the ocean of beauty | |
| हृदय में | in his heart | |
| धारण करके | having held | |
| चले गए | went | |
| जहाँ | where | |
| ब्रह्मा का | Brahma’s | |
| निवासस्थान है | abode is |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: शोभा के सागर राम को हृदय में धारण करके नारद वहाँ गए जहाँ ब्रह्मा का धाम है।
AI-draft meaning: Holding Rama, the ocean of beauty, in his heart, Narada went to where Brahma’s abode is.