मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड दोहा · पृ. 952
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।16 / 16 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| और भी | one more; also | |
| एक | one | |
| गुप्त; रहस्यपूर्ण | confidential; secret | |
| बात; उपदेश | teaching; counsel | |
| सबको | to everyone | |
| मैं कहता हूँ | I say | |
| हाथ | hands | |
| जोड़कर | having folded; joining |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: मैं हाथ जोड़कर सबको एक और गुप्त बात कहता हूँ।
AI-draft meaning: With folded hands, I tell everyone one more confidential teaching.
॥ ४५॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| शंकर अर्थात् शिव का | of Shankara, Lord Shiva | |
| भजन; भक्तिपूर्ण उपासना | devotional worship | |
| के बिना | without | |
| मनुष्य | a person | |
| भक्ति | devotion | |
| नहीं | not | |
| पाता है; प्राप्त करता है | attains; obtains | |
| मेरी; मुझ राम के प्रति | my; directed toward me, Rama |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: शंकर के भजन के बिना मनुष्य मेरी भक्ति नहीं पाता।
AI-draft meaning: Without worship of Shiva, a person does not attain devotion to me.