मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
बालकाण्ड 1.98
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चौपाई
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| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | one | |
| बार; अवसर पर | occasion | |
| आते हुए; लौटते हुए | while coming back | |
| शिव के | Shiva | |
| साथ | with | |
| देखा | saw | |
| रघु का वंश | Raghu’s lineage | |
| कमलरूपी | likened to a lotus | |
| सूर्य; यहाँ राम | the sun; here, Rama |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: एक बार शिव के साथ लौटते हुए सती ने राम को देखा, जो रघुकुलरूपी कमल के लिए सूर्य हैं।
AI draft: Once, while returning with Shiva, Sati saw Rama, the sun to the lotus of Raghu’s lineage.
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| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हुआ | arose | |
| मोह; विवेक को ढकने वाला भ्रम | delusion | |
| शिव का | Shiva’s | |
| कहा हुआ; निर्देश | what was said; instruction | |
| नहीं | not | |
| किया; माना | followed; heeded | |
| भ्रम के | of confusion | |
| वश में | under the sway | |
| वेश; रूप | guise | |
| सीता का | Sita’s | |
| कर; बनाकर | making; assuming | |
| ले लिया; धारण कर लिया | took on; assumed |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: सती को मोह हुआ और उन्होंने शिव की कही बात नहीं मानी; भ्रम के वश होकर उन्होंने सीता का वेश धारण कर लिया।
AI draft: Sati became deluded and did not heed Shiva’s words; under the sway of confusion, she assumed Sita’s guise.
छंद और दोहा · पृ. 112
सिय बेषु सतीं जो कीन्ह तेहिं अपराध संकर परिहरीं।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिय | सीता का | of Sita, Rama’s wife |
| बेषु | वेश | guise |
सतींटिप्पणी‘सतीं’ यहाँ कार्य करने वाली सती को सूचित करता है। / Here the form denotes Sati as the agent. | सती ने | Sati, Shiva’s wife, did |
| जो | जो | which |
| कीन्ह | धारण किया | assumed |
| तेहिं | उसी के कारण | because of that very |
| अपराध | अपराध | offense |
| संकर | शंकर ने | Shiva |
परिहरींटिप्पणीस्त्रीलिंग रूप सती के त्यागे जाने से संबंधित है। / The feminine form refers to Sati being abandoned. | उन्हें त्याग दिया | abandoned her |
भावार्थ
एआई प्रारूप: सती ने जो सीता का वेश बनाया था, उसी अपराध के कारण शंकर ने उन्हें त्याग दिया।
AI draft: Because Sati had assumed Sita’s guise, Shiva abandoned her for that offense.
हर बिरहँ जाइ बहोरि पितु कें जग्य जोगानल जरीं॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हर | शिव के | from Shiva |
बिरहँटिप्पणी‘बिरहँ’ में अधिकरण का भाव है। / The ending conveys being in separation. | वियोग में | in separation |
| जाइ | जाकर | having gone |
| बहोरि | फिर | then |
| पितु | पिता दक्ष के | her father Daksha’s |
केंटिप्पणी‘पितु कें जग्य’ का अर्थ पिता के यहाँ का यज्ञ है। / The phrase means the sacrifice at her father’s place. | के यहाँ आयोजित | held at his place |
| जग्य | यज्ञ में | to the sacrifice |
जोगानलटिप्पणीजोग + अनल: योग से उत्पन्न अग्नि। / Yoga + fire: fire arising through yoga. | योग की अग्नि में | in yogic fire |
जरींटिप्पणीस्त्रीलिंग भूतकाल; कर्ता सती हैं। / Feminine past form; Sati is the subject. | जल गईं | burned |
भावार्थ
शिव के वियोग में, फिर पिता के यज्ञ में जाकर सती योगाग्नि में जल गईं।
In separation from Shiva, Sati then went to her father’s sacrifice and burned in the fire of yoga.
अब जनमि तुम्हरे भवन निज पति लागि दारुन तपु किया।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| जनमि | जन्म लेकर | having been born |
तुम्हरेटिप्पणीपार्वती के माता-पिता को संबोधन। / Addressed to Parvati’s parents. | तुम्हारे | your |
| भवन | घर में | in the household |
| निज | अपने | her own |
| पति | पति शिव के | husband, Shiva |
| लागि | लिए | for |
| दारुन | कठोर | severe |
| तपु | तपस्या | austerities |
| किया | की | performed |
भावार्थ
अब तुम्हारे घर जन्म लेकर उन्होंने अपने पति के लिए कठोर तप किया।
Now, born in your household, she has performed severe austerities for her own husband.
अस जानि संसय तजहु गिरिजा सर्बदा संकरप्रिया॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | this |
| जानि | जानकर | knowing |
| संसय | संदेह | doubts |
तजहुटिप्पणीसंबोधित श्रोताओं के लिए आज्ञार्थक रूप। / An imperative addressed to the listeners. | छोड़ दो | give up |
| गिरिजा | पर्वतराज की पुत्री पार्वती | Parvati, daughter of the mountain king |
| सर्बदा | सदा | forever |
संकरप्रियाटिप्पणीसंकर + प्रिया; गिरिजा का विशेषण। / Shiva + beloved; describes Girija. | शंकर की प्रिया | Shiva’s beloved |
भावार्थ
ऐसा जानकर संदेह छोड़ दो; गिरिजा सदा शंकर की प्रिया हैं।
Knowing this, give up your doubts; Girija is forever Shiva’s beloved.
सुनि नारद के बचन तब सब कर मिटा बिषाद।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| नारद | देवर्षि नारद | Narada, the divine sage |
केटिप्पणीसंबंधसूचक; नारद के वचन। / Possessive marker: Narada’s words. | के | ’s |
| बचन | वचन | words |
| तब | तब | then |
| सब | सबका | everyone |
करटिप्पणीअवधी का संबंधसूचक ‘कर’; यहाँ क्रिया ‘करना’ नहीं। / Awadhi possessive marker, not the verb ‘do’. | का | ’s |
| मिटा | मिट गया | disappeared |
| बिषाद | दुःख और उदासी | sorrow |
भावार्थ
तब नारद के वचन सुनकर सबका विषाद मिट गया।
Then, hearing Narada’s words, everyone’s sorrow disappeared.
छन महुँ ब्यापेउ सकल पुर घर घर यह संबाद॥ ९८॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छन | क्षण | a moment |
| महुँ | में | in |
| ब्यापेउ | फैल गया | spread |
| सकल | समस्त | entire |
| पुर | नगर में | throughout the city |
घरटिप्पणीअगले ‘घर’ के साथ वितरणात्मक अर्थ: घर-घर। / Together with the next word: from house to house. | घर | house |
घरटिप्पणीदोहराव का अर्थ प्रत्येक घर में है। / The repetition means in every household. | घर तक | to house |
| यह | यह | this |
| संबाद | समाचार | news |
भावार्थ
क्षण भर में यह समाचार पूरे नगर में घर-घर फैल गया।
In a moment, this news spread from house to house throughout the city.