मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
बालकाण्ड 1.361
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चौपाई
।। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कवियों के समुदाय का | of the community of poets | |
| जीवन; जीवनाधार | life; lifeblood | |
| पवित्र करने वाला | purifying | |
| जानकर | knowing; recognizing | |
| राम का | of Rama | |
| सीता का | of Sita | |
| यश | glory; renown | |
| मंगल की | of auspiciousness | |
| खान; भंडार | mine; treasury |
भावार्थ
राम और सीता के यश को कवियों का जीवन, पवित्र करने वाला और मंगल की खान जानकर—
Knowing Rama and Sita’s glory to be the lifeblood of poets, purifying, and a treasure of auspiciousness—
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उसी कारण | that reason | |
| से | because of | |
| मैंने | I | |
| कुछ; थोड़ा | a little | |
| कहा | told | |
| वर्णन करके | by recounting | |
| करने के | to make | |
| पवित्र | pure | |
| लिए | for the purpose of | |
| अपनी | my own | |
| वाणी | speech; expression |
भावार्थ
इसी कारण मैंने अपनी वाणी को पवित्र करने के लिए उसका कुछ वर्णन किया है।
For that reason, I have recounted a little of it to purify my own speech.
छंद और सोरठा · पृ. 341
निज गिरा पावनि करन कारन राम जसु तुलसीं कह्यो।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
निजटिप्पणीयह व्याख्या AI का प्रारूप है, किसी संस्करण या प्रामाणिक टीका का उद्धरण नहीं। / This explanation is an AI draft, not a quotation from an edition or authoritative commentary. | अपनी | his own |
| गिरा | वाणी | speech |
पावनिटिप्पणीवाणी के लिए स्त्रीलिंग विशेषण। / Feminine adjective qualifying speech. | पवित्र | pure |
| करन | करने | to make |
| कारन | के लिए | for the purpose of |
| राम | भगवान राम का | of Lord Rama |
| जसु | यश | glory |
तुलसींटिप्पणीयहाँ कर्ता का रूप: तुलसी ने। / Here the agent: Tulsi has recounted. | कवि तुलसीदास ने | the poet Tulsidas |
| कह्यो | कहा; वर्णन किया | recounted |
भावार्थ
अपनी वाणी को पवित्र करने के लिए तुलसी ने राम का यश कहा है।
Tulsi has recounted Rama’s glory to purify his own speech.
रघुबीर चरित अपार बारिधि पारु कबि कौनें लह्यो॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम का | of Rama, hero of Raghu’s lineage |
| चरित | चरित्र; जीवन और कर्मों का वृत्तांत | account of his life and deeds |
| अपार | असीम | boundless |
| बारिधि | समुद्र | ocean |
| पारु | पार; दूसरा छोर | farther shore; limit |
| कबि | कवि | poet |
कौनेंटिप्पणी‘कबि कौनें’ का अर्थ ‘किस कवि ने’ है। / With ‘कबि’, this means ‘which poet has’. | किसने | which one has |
| लह्यो | पाया | reached |
भावार्थ
रघुवीर का चरित्र अपार समुद्र है; कौन कवि उसका पार पा सका है?
Rama’s deeds are a boundless ocean; what poet has ever reached its farther shore?
उपबीत ब्याह उछाह मंगल सुनि जे सादर गावहीं।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उपबीत | यज्ञोपवीत संस्कार | sacred-thread ceremony |
| ब्याह | विवाह | wedding |
| उछाह | उत्सव; उल्लास | festivities; rejoicing |
| मंगल | मंगलमय वर्णन या गीत | auspicious accounts or songs |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| जे | जो लोग | those who |
| सादर | आदरपूर्वक | reverently |
गावहींटिप्पणीबहुवचन क्रिया, ‘जे’ के लिए। / Plural verb referring to ‘those who’. | गाते हैं | sing |
भावार्थ
जो लोग यज्ञोपवीत और विवाह के उत्सवों के मंगलमय वर्णन सुनकर आदरपूर्वक गाते हैं—
Those who listen to the auspicious accounts of the sacred-thread and wedding celebrations and sing them reverently—
बैदेहि राम प्रसाद ते जन सर्बदा सुखु पावहीं॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बैदेहि | विदेह की पुत्री सीता | Sita, daughter of the king of Videha |
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
| प्रसाद | कृपा | grace |
तेटिप्पणीयहाँ कृपा के माध्यम को बताने वाला परसर्ग, ‘वे’ नहीं। / Here a postposition indicating means, not the pronoun ‘they’. | से | through |
जनटिप्पणीपिछली पंक्ति के ‘जे’ से संबद्ध। / Refers to ‘those who’ in the preceding line. | वे लोग | those people |
| सर्बदा | सदैव | always |
| सुखु | सुख | happiness |
| पावहीं | पाते हैं | obtain |
भावार्थ
वे लोग सीता और राम की कृपा से सदा सुख पाते हैं।
Those people always find happiness through the grace of Sita and Rama.
सिय रघुबीर बिबाहु जे सप्रेम गावहिं सुनहिं।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिय | सीता | Sita |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s lineage |
| बिबाहु | विवाह का वर्णन | account of the wedding |
| जे | जो लोग | those who |
| सप्रेम | प्रेमपूर्वक | with love |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| सुनहिं | सुनते हैं | listen |
भावार्थ
जो लोग सीता और रघुवीर राम के विवाह का वर्णन प्रेमपूर्वक गाते और सुनते हैं—
Those who lovingly sing and hear the account of Sita and Rama’s wedding—
तिन्ह कहुँ सदा उछाहु मंगलायतन राम जसु॥ ३६१॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
तिन्हटिप्पणीपिछली पंक्ति में गाने-सुनने वालों के लिए। / Refers to those who sing and listen in the preceding line. | उन लोगों | those people |
| कहुँ | के लिए | for |
| सदा | सदा | always |
| उछाहु | आनंद; उल्लास | joy; rejoicing |
मंगलायतनटिप्पणीमंगल + आयतन; राम के यश का विशेषण। / Compound of auspiciousness and abode; qualifies Rama’s glory. | मंगल का धाम | abode of auspiciousness |
| राम | भगवान राम का | of Lord Rama |
| जसु | यश | glory |
भावार्थ
उनके लिए मंगल का धाम राम का यश सदा आनंद का स्रोत है।
For them, Rama’s glory, the abode of auspiciousness, is an enduring source of joy.