मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
अयोध्याकाण्ड दोहा · पृ. 451
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।17 / 17 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब कुछ; ये सभी कर्म | all this; all these acts | |
| करके | having done | |
| वे माँगते हैं | they ask for | |
| एक ही | just one | |
| फल; प्रतिफल | fruit; reward | |
| भगवान राम के | of Lord Rama | |
| चरणों में | for the feet | |
| प्रेम; अनुराग | love; devotion | |
| हो; प्राप्त हो | may there be; may they have |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: सब कुछ करके वे एक ही फल माँगते हैं—राम के चरणों में प्रेम हो।
AI draft: Having done all this, they ask for just one reward: may they have love for Rama’s feet.
॥ १२९॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उन लोगों | those people | |
| के | of; their | |
| मनरूपी | formed by the mind | |
| मंदिर में | in the temple | |
| निवास कीजिए | please dwell | |
| सीता | Sita, Rama’s consort | |
| रघुवंश को आनंद देने वाले राम | Rama, delight of Raghu’s lineage | |
| दोनों | both |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: हे सीता और रघुनंदन राम, आप दोनों उनके मनरूपी मंदिर में निवास कीजिए।
AI draft: O Sita and Rama, delight of Raghu’s lineage, may you both dwell in the temple of their minds.