मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
अरण्यकाण्ड 3.36
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बार | time | |
| बार; फिर-फिर | after time; repeatedly | |
| प्रभु राम के | of Lord Rama | |
| चरणों में | at the feet | |
| सिर | her head | |
| नवाकर | having bowed | |
| प्रेम | love | |
| के साथ | with | |
| सारी | the entire | |
| कथा; वृत्तांत | account | |
| सुनाई | related |
भावार्थ
शबरी ने बार-बार प्रभु के चरणों में सिर नवाकर प्रेम सहित सारी कथा सुनाई।
Bowing her head repeatedly at the Lord’s feet, Shabari lovingly related the whole account.
छंद और दोहा · पृ. 668
कहि कथा सकल बिलोकि हरि मुख हृदयँ पद पंकज धरे।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
कहिटिप्पणीयह व्याख्या AI का प्रारूप है, किसी संस्करण या प्रामाणिक टीका का उद्धरण नहीं। / This explanation is an AI draft, not a quotation from an edition or authoritative commentary. | कहकर | having told |
| कथा | कथा; अपना वृत्तांत | story; her account |
| सकल | सारी | the whole |
| बिलोकि | देखकर | having gazed upon |
| हरि | भगवान राम का | of Lord Rama |
| मुख | मुख | face |
हृदयँटिप्पणीअवधी का स्थानवाचक रूप। / Awadhi locative form. | हृदय में | in her heart |
| पद | चरण | feet |
पंकजटिप्पणी‘पद पंकज’ का संयुक्त अर्थ चरण-कमल है। / Together, ‘पद पंकज’ means lotus feet. | कमल | lotuses |
| धरे | धारण किए | held; enshrined |
भावार्थ
सारी कथा कहकर और भगवान राम का मुख देखकर शबरी ने उनके चरण-कमलों को हृदय में धारण किया।
Having told her whole story and gazed upon Lord Rama’s face, Shabari held his lotus feet in her heart.
तजि जोग पावक देह हरि पद लीन भइ जहँ नहिं फिरे॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तजि | त्यागकर | having relinquished |
| जोग | योग की | of yoga |
पावकटिप्पणी‘जोग पावक’ अर्थात योग से उत्पन्न अग्नि। / ‘जोग पावक’ means fire generated through yoga. | अग्नि में | in the fire |
| देह | शरीर | body |
| हरि | भगवान के | of the Lord |
| पद | चरणों में | at the feet |
| लीन | लीन | absorbed |
भइटिप्पणीस्त्रीलिंग क्रिया, शबरी के लिए। / Feminine verb referring to Shabari. | हो गई | became |
| जहँ | जहाँ से | from where |
| नहिं | नहीं | not |
फिरेटिप्पणीयहाँ पुनः संसार में लौटने का निषेध है। / Here the return to worldly existence is denied. | फिर लौटते | return again |
भावार्थ
योग की अग्नि में देह त्यागकर वह भगवान के चरणों में लीन हो गई, जहाँ से फिर लौटना नहीं होता।
Leaving her body in the fire of yoga, she became absorbed at the Lord’s feet, from where there is no return.
नर बिबिध कर्म अधर्म बहु मत सोकप्रद सब त्यागहू।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
नरटिप्पणीसंबोधन। / A form of address. | हे मनुष्यो | O people |
| बिबिध | विविध; अनेक प्रकार के | various |
| कर्म | कर्म | deeds; practices |
| अधर्म | अधर्म; अनुचित आचरण | unrighteous conduct |
| बहु | अनेक | many |
| मत | मत; सिद्धांत | doctrines; views |
| सोकप्रद | शोक देने वाले | sorrow-producing |
| सब | सभी | all |
त्यागहूटिप्पणीआज्ञार्थक रूप। / Imperative form. | त्याग दो | abandon |
भावार्थ
हे मनुष्यो! विविध कर्म, अधर्म और अनेक मत—ये सब शोक देने वाले हैं; इन्हें त्याग दो।
O people, abandon the various deeds, unrighteous acts, and many doctrines—all of which bring sorrow.
बिस्वास करि कह दास तुलसी राम पद अनुरागहू॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिस्वास | विश्वास | faith; trust |
करिटिप्पणी‘बिस्वास करि’ अर्थात विश्वास रखकर। / Together: having faith. | करके | having placed |
| कह | कहते हैं | says |
| दास | सेवक | servant; devotee |
| तुलसी | तुलसीदास, कवि | Tulsidas, the poet |
| राम | भगवान राम के | of Lord Rama |
| पद | चरणों में | toward the feet |
अनुरागहूटिप्पणीआज्ञार्थक रूप: अनुराग रखो। / Imperative: cultivate loving devotion. | प्रेम करो | cherish love |
भावार्थ
दास तुलसी कहते हैं: विश्वास करके राम के चरणों में प्रेम करो।
The servant Tulsi says: Have faith and love Rama’s feet.
जाति हीन अघ जन्म महि मुक्त कीन्हि असि नारि।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाति | जाति की दृष्टि से | in terms of caste |
हीनटिप्पणीयह पद कविता की सामाजिक श्रेणीगत भाषा है। / This reflects the poem’s language of social hierarchy. | हीन मानी गई | regarded as low |
अघटिप्पणी‘अघ जन्म’ में जन्म का विशेषणार्थ: पापमय जन्म। / In ‘अघ जन्म’, it qualifies birth as sinful. | पापमय | sinful |
| जन्म | जन्म वाली | by birth |
| महि | पृथ्वी पर | on earth |
| मुक्त | मुक्त | liberated |
कीन्हिटिप्पणी‘मुक्त कीन्हि’: मुक्त कर दिया; स्त्रीलिंग कर्म ‘नारि’। / ‘मुक्त कीन्हि’: liberated, with ‘woman’ as the feminine object. | कर दिया | made; rendered |
| असि | ऐसी | such |
| नारि | स्त्री; यहाँ शबरी | woman; here, Shabari |
भावार्थ
पृथ्वी पर जाति से हीन मानी गई और पापमय जन्म वाली ऐसी स्त्री को भी राम ने मुक्त कर दिया।
Rama liberated even such a woman on earth, described as low in caste and sinful by birth.
महामंद मन सुख चहसि ऐसे प्रभुहि बिसारि॥ ३६॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महामंद | अत्यंत मूर्ख | utterly foolish |
मनटिप्पणीअपने मन को संबोधन। / Addressing one’s own mind. | हे मन | O mind |
| सुख | सुख | happiness |
चहसिटिप्पणीद्वितीय पुरुष एकवचन क्रिया। / Second-person singular verb. | तू चाहता है | you desire |
| ऐसे | ऐसे | such a |
प्रभुहिटिप्पणी‘हि’ यहाँ कर्मकारक चिह्न है। / ‘हि’ here marks the object. | प्रभु को | the Lord |
| बिसारि | भुलाकर | having forgotten |
भावार्थ
हे अत्यंत मूर्ख मन! ऐसे प्रभु को भुलाकर तू सुख चाहता है?
O utterly foolish mind! Do you seek happiness while forgetting such a Lord?