लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रघुपति निकट गयउ घननादा। नाना भाँति करेसि दुर्बादा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[तब] मेघनाद श्रीरघुनाथजीके पास गया और उसने [उनके प्रति] अनेकों प्रकारके दुर्वचनोंका प्रयोग किया। [फिर] उसने उनपर अस्त्र-शस्त्र तथा और सब हथियार चलाये। प्रभुने खेलमें ही सबको काटकर अलग कर दिया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 822 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रघुपति निकट गयउ घननादा। नाना भाँति करेसि दुर्बादा।।
अस्त्र सस्त्र आयुध सब डारे। कौतुकहीं प्रभु काटि निवारे।।
स्रोत अभिलेख 6.51 · पुस्तक पृ. 821, 822
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रघुपति निकट गयउ घननादा। नाना भाँति करेसि दुर्बादा।।
English explanation
Meghnad approached Rama and uttered various insults.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी श्रीराम | Rama, lord of Raghu’s lineage |
| निकट | पास | near |
| गयउ | गया | went |
| घननादा | मेघनाद, रावण का पुत्र | Meghnad, Ravana’s son |
| नाना | अनेक | various |
| भाँति | प्रकार से | in ways |
| करेसि | उसने किए | he made |
| दुर्बादा | अपमानजनक कथन | insulting remarks |
2 अस्त्र सस्त्र आयुध सब डारे। कौतुकहीं प्रभु काटि निवारे।।
English explanation
Meghnad launched all his weapons, but Lord Rama cut them down and neutralized them as if at play.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस्त्र | फेंके या चलाए जाने वाले अस्त्र | projectile weapons |
| सस्त्र | हाथ से चलाए जाने वाले शस्त्र | hand-held weapons |
| आयुध | युद्ध के हथियार | arms of war |
| सब | सभी | all |
| डारे | चलाए, फेंके | launched, hurled |
| कौतुकहीं | खेल-खेल में ही | merely as if at play |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| काटि | काटकर | having cut down |
| निवारे | निष्फल कर दिए | neutralized |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.51
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 822
- सहायक विषय
- माल्यवान्का रावणको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 821, 822
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