लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
निज दल बिकल सुना हनुमाना। पच्छिम द्वार रहा बलवाना।।
मूल पाठ
निज दल बिकल सुना हनुमाना। पच्छिम द्वार रहा बलवाना।।
मेघनाद तहँ करइ लराई। टूट न द्वार परम कठिनाई।।
स्रोत अभिलेख 6.43 · पुस्तक पृ. 814, 815
भावार्थ
मूल पाठ के बादहनुमान्जीने जब अपने दलको विकल (भयभीत) हुआ सुना, उस समय वे बलवान् पश्चिम द्वारपर थे। वहाँ उनसे मेघनाद युद्ध कर रहा था। वह द्वार टूटता न था, बड़ी भारी कठिनाई हो रही थी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 814 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 निज दल बिकल सुना हनुमाना। पच्छिम द्वार रहा बलवाना।।
English explanation
Mighty Hanuman, who was stationed at the western gate, heard that his own army was distressed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| निज | अपना | his own |
| दल | सेना | army |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| सुना | सुना | heard |
| हनुमाना | हनुमान ने | Hanuman |
| पच्छिम | पश्चिमी | western |
| द्वार | द्वार पर | at the gate |
| रहा | स्थित थे | was stationed |
| बलवाना | बलवान हनुमान | the mighty Hanuman |
2 मेघनाद तहँ करइ लराई। टूट न द्वार परम कठिनाई।।
English explanation
Meghnada was fighting there; the gate would not break, and the difficulty was immense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मेघनाद | रावण का पुत्र मेघनाद | Meghnada, Ravana’s son |
| तहँ | वहाँ | there |
| करइ | करता है | engages in |
| लराई | युद्ध | battle |
| टूट | टूटता | breaks |
| न | नहीं | not |
| द्वार | द्वार | gate |
| परम | अत्यंत | extreme |
| कठिनाई | कठिनाई | difficulty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.43
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 814
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 814, 815
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