लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
देखि पवनसुत कटक बिहाला। क्रोधवंत जनु धायउ काला।।
मूल पाठ
देखि पवनसुत कटक बिहाला। क्रोधवंत जनु धायउ काला।।
महासैल एक तुरत उपारा। अति रिस मेघनाद पर डारा।।
स्रोत अभिलेख 6.51 · पुस्तक पृ. 821, 822
भावार्थ
मूल पाठ के बादसारी सेनाको बेहाल (व्याकुल) देखकर पवनसुत हनुमान् क्रोध करके ऐसे दौड़े मानो स्वयं काल दौड़ा आता हो। उन्होंने तुरंत एक बड़ा भारी पहाड़ उखाड़ लिया और बड़े ही क्रोधके साथ उसे मेघनादपर छोड़ा॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 821 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 देखि पवनसुत कटक बिहाला। क्रोधवंत जनु धायउ काला।।
English explanation
AI-generated interpretive draft: Seeing the army distressed, Hanuman, son of the Wind, rushed forward in anger, as though Death itself were charging.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | having seen |
| पवनसुत | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the Wind |
| कटक | सेना को | the army |
| बिहाला | बेहाल, व्याकुल | distressed, overwhelmed |
| क्रोधवंत | क्रोध से भरे हुए | filled with anger |
| जनु | मानो | as though |
| धायउ | दौड़ पड़े | rushed forward |
| काला | काल, मृत्यु का मूर्त रूप | Death personified |
2 महासैल एक तुरत उपारा। अति रिस मेघनाद पर डारा।।
English explanation
Hanuman immediately uprooted a huge mountain and hurled it at Meghnad in great anger.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| महासैल | विशाल पर्वत | a huge mountain |
| एक | एक | one |
| तुरत | तुरंत | immediately |
| उपारा | उखाड़ लिया | uprooted |
| अति | अत्यंत | extreme |
| रिस | क्रोध में | in anger |
| मेघनाद | रावण के पुत्र मेघनाद | Meghnad, Ravana’s son |
| पर | पर | at |
| डारा | फेंक दिया | hurled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.51
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 821
- सहायक विषय
- माल्यवान्का रावणको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 821, 822
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।