लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तासु तेज समान प्रभु आनन। हरषे देखि संभु चतुरानन।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरावणका तेज प्रभुके मुखमें समा गया। यह देखकर शिवजी और ब्रह्माजी हर्षित हुए। ब्रह्माण्डभरमें जय-जयकी ध्वनि भर गयी। प्रबल भुजदण्डोंवाले श्रीरघुवीरकी जय हो॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 880 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तासु तेज समान प्रभु आनन। हरषे देखि संभु चतुरानन।।
जय जय धुनि पूरी ब्रह्मंडा। जय रघुबीर प्रबल भुजदंडा।।
स्रोत अभिलेख 6.103 · पुस्तक पृ. 879, 880
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तासु तेज समान प्रभु आनन। हरषे देखि संभु चतुरानन।।
English explanation
Ravana’s radiance merged into Lord Rama’s face. Seeing this, Shiva and Brahma rejoiced.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उस रावण का | his, Ravana’s |
| तेज | तेज; दिव्य ज्योति | radiance |
| समान | समा गया | merged |
| प्रभु | प्रभु राम के | of Lord Rama |
| आनन | मुख में | into the face |
| हरषे | हर्षित हुए | rejoiced |
| देखि | देखकर | seeing this |
| संभु | शिव | Shiva |
| चतुरानन | चार मुखों वाले ब्रह्मा | four-faced Brahma |
2 जय जय धुनि पूरी ब्रह्मंडा। जय रघुबीर प्रबल भुजदंडा।।
English explanation
Cries of ‘Victory! Victory!’ filled the universe: ‘Glory to Rama, hero of Raghu’s line, whose arms are mighty!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जय | जय हो | victory |
| जय | जय हो | victory |
| धुनि | ध्वनि | the sound |
| पूरी | भर गई | filled |
| ब्रह्मंडा | ब्रह्मांड में | the universe |
| जय | जय हो | glory to |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम | Rama, hero of Raghu’s line |
| प्रबल | अत्यंत बलवान | mighty |
| भुजदंडा | दंड जैसी भुजाओं वाले | with stout, staff-like arms |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.103
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 880
- सहायक विषय
- राम-रावण-युद्ध, रावण-वध, सर्वत्र जयध्वनि
- मुद्रित पृष्ठ
- 879, 880
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।