लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
छतज नयन उर बाहु बिसाला। हिमगिरि निभ तनु कछु एक लाला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउनके लाल नेत्र हैं, चौड़ी छाती और विशाल भुजाएँ हैं। हिमाचल पर्वतके समान उज्ज्वल (गौरवर्ण) शरीर कुछ ललाई लिये हुए है। इधर रावणने भी बड़े-बड़े योद्धा भेजे, जो अनेकों अस्त्र- शस्त्र लेकर दौड़े॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 823 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
छतज नयन उर बाहु बिसाला। हिमगिरि निभ तनु कछु एक लाला।।
इहाँ दसानन सुभट पठाए। नाना अस्त्र सस्त्र गहि धाए।।
स्रोत अभिलेख 6.53 · पुस्तक पृ. 823, 824
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 छतज नयन उर बाहु बिसाला। हिमगिरि निभ तनु कछु एक लाला।।
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2 इहाँ दसानन सुभट पठाए। नाना अस्त्र सस्त्र गहि धाए।।
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स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.53
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 823
- सहायक विषय
- माल्यवान्का रावणको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 823, 824
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