बालकाण्ड · दोहा 29 (ख) · दोहा/सोरठा
राम निकाईं रावरी है सबही को नीक।
राम निकाईं रावरी है सबही को नीक।
जों यह साँची है सदा तौ नीको तुलसीक।।29(ख)।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.29 · पुस्तक पृ. 50, 51
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम निकाईं रावरी है सबही को नीक।
हे राम, आपकी भलाई सबके लिए भली है।
English explanation
Rama, your goodness brings good to everyone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | हे राम | O Rama |
| निकाईं | भलाई | goodness |
| रावरी | आपकी | your |
| है | है | is |
| सबही | सभी | everyone |
| को | के लिए | for |
| नीक | भली | good |
2 जों यह साँची है सदा तौ नीको तुलसीक।।29(ख)।।
यदि यह बात सदा सत्य है, तो तुलसी का भी भला होगा।
English explanation
If this is always true, then Tulsidas too will fare well.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जों | यदि | if |
| यह | यह बात | this |
| साँची | सच्ची | true |
| है | है | is |
| सदा | सदा | always |
| तौ | तो | then |
| नीको | भला | well-being |
| तुलसीक | तुलसी का | of Tulsidas |
| ख | पद्य-संदर्भ का उपखंड ‘ख’ | verse-reference subdivision marker |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 29 (ख)
- स्रोत अभिलेख
- 1.29
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 50, 51
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