बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मागत बिदा राउ अनुरागे। सुतन्ह समेत ठाढ़ भे आगे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअन्तमें जब विश्वामित्रजीने विदा माँगी, तब राजा प्रेममग्न हो गये और पुत्रोंसहित आगे खड़े हो गये। [वे बोले—] हे नाथ! यह सारी सम्पदा आपकी है। मैं तो स्त्री-पुत्रोंसहित आपका सेवक हूँ॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 339 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मागत बिदा राउ अनुरागे। सुतन्ह समेत ठाढ़ भे आगे।।
नाथ सकल संपदा तुम्हारी। मैं सेवकु समेत सुत नारी।।
स्रोत अभिलेख 1.36 · पुस्तक पृ. 339, 340
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मागत बिदा राउ अनुरागे। सुतन्ह समेत ठाढ़ भे आगे।।
English explanation
When Vishvamitra asked leave to depart, King Dasharatha, filled with affection, stood before him with his sons.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मागत | माँगने पर | upon asking |
| बिदा | जाने की अनुमति | leave to depart |
| राउ | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| अनुरागे | प्रेम से भरे | filled with affection |
| सुतन्ह | पुत्रों के | his sons |
| समेत | साथ | together with |
| ठाढ़ | खड़े | standing |
| भे | हुए | became |
| आगे | सामने | before him |
2 नाथ सकल संपदा तुम्हारी। मैं सेवकु समेत सुत नारी।।
English explanation
My lord, all this wealth is yours; I, along with my sons and wife, am your servant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाथ | हे स्वामी | my lord |
| सकल | सारी | all |
| संपदा | संपत्ति | wealth |
| तुम्हारी | आपकी | yours |
| मैं | मैं | I |
| सेवकु | सेवक हूँ | am your servant |
| समेत | सहित | along with |
| सुत | पुत्रों | my sons |
| नारी | पत्नी | my wife |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.36
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 339
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 339, 340
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।