बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मंगलगान करहिं बर भामिनि। भै सुखमूल मनोहर जामिनि।।
मूल पाठ
मंगलगान करहिं बर भामिनि। भै सुखमूल मनोहर जामिनि।।
अँचइ पान सब काहूँ पाए। स्त्रग सुगंध भूषित छबि छाए।।
स्रोत अभिलेख 1.355 · पुस्तक पृ. 335, 336
भावार्थ
मूल पाठ के बादसुन्दर स्त्रियाँ मङ्गलगान कर रही हैं। वह रात्रि सुखकी मूल और मनोहारिणी हो गयी। सबने आचमन करके पान खाये और फूलोंकी माला, सुगन्धित द्रव्य आदिसे विभूषित होकर सब शोभासे छा गये॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 335 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मंगलगान करहिं बर भामिनि। भै सुखमूल मनोहर जामिनि।।
English explanation
The noble women sang auspicious songs. The delightful night became a source of joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंगलगान | मंगलगीत | auspicious songs |
| करहिं | गाती हैं | sing |
| बर | श्रेष्ठ | noble |
| भामिनि | स्त्रियाँ | women |
| भै | हो गई | became |
| सुखमूल | सुख का स्रोत | a source of joy |
| मनोहर | मन को भाने वाली | delightful |
| जामिनि | रात | night |
2 अँचइ पान सब काहूँ पाए। स्त्रग सुगंध भूषित छबि छाए।।
English explanation
After rinsing their mouths following the meal, everyone received betel leaves. Adorned with garlands and fragrance, they shone in beauty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अँचइ | आचमन करके | having rinsed their mouths |
| पान | खाने के लिए पान | betel leaves to chew |
| सब | सब | all |
| काहूँ | को | to everyone |
| पाए | मिले | received |
| स्त्रग | मालाएँ | garlands |
| सुगंध | सुगंधित द्रव्य | fragrant substances |
| भूषित | सजे हुए | adorned |
| छबि | शोभा | beauty |
| छाए | शोभा बिखेरते हुए | radiating beauty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.355
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 335
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 335, 336
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।