बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि के रचि पचि बंध बनाए। बिच बिच मुकता दाम सुहाए।।
मूल पाठ
तेहि के रचि पचि बंध बनाए। बिच बिच मुकता दाम सुहाए।।
मानिक मरकत कुलिस पिरोजा। चीरि कोरि पचि रचे सरोजा।।
स्रोत अभिलेख 1.288 · पुस्तक पृ. 274, 274
भावार्थ
मूल पाठ के बादउसी नागबेलिके रचकर और पच्चीकारी करके बन्धन (बाँधनेकी रस्सी) बनाये। बीच-बीचमें मोतियोंकी सुन्दर झालरें हैं। माणिक, पन्ने, हीरे और फिरोजे, इन रत्नोंको चीरकर, कोरकर और पच्चीकारी करके, इनके [लाल, हरे, सफेद और फिरोजी रंगके] कमल बनाये॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 274 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तेहि के रचि पचि बंध बनाए। बिच बिच मुकता दाम सुहाए।।
English explanation
Bindings were carefully fashioned from that vine, with strings of pearls adorning the spaces between them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उसी बेल | that vine |
| के | के | of |
| रचि | रचकर | fashioning |
| पचि | यत्न करके | with painstaking effort |
| बंध | बंधन | bindings |
| बनाए | बनाए | made |
| बिच | बीच | between |
| बिच | बीच | at intervals |
| मुकता | मोती | pearls |
| दाम | मालाएँ | strings or garlands |
| सुहाए | शोभित हुए | looked beautiful |
2 मानिक मरकत कुलिस पिरोजा। चीरि कोरि पचि रचे सरोजा।।
English explanation
Rubies, emeralds, diamonds, and turquoise were cut and carved with care into lotuses.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मानिक | माणिक | rubies |
| मरकत | पन्ने | emeralds |
| कुलिस | हीरे | diamonds |
| पिरोजा | फिरोजे | turquoise gems |
| चीरि | काटकर | cutting |
| कोरि | तराशकर | carving |
| पचि | परिश्रम करके | with painstaking effort |
| रचे | बनाए | fashioned |
| सरोजा | कमल | lotuses |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.288
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 274
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 274, 274
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।