बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
आजु सुफल जग जनमु हमारा। देखि तात बिधुबदन तुम्हारा।।
मूल पाठ
आजु सुफल जग जनमु हमारा। देखि तात बिधुबदन तुम्हारा।।
जे दिन गए तुम्हहि बिनु देखें। ते बिरंचि जनि पारहिं लेखें।।
स्रोत अभिलेख 1.357 · पुस्तक पृ. 337, 337
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे तात! तुम्हारा चन्द्रमुख देखकर आज हमारा जगत्में जन्म लेना सफल हुआ। तुमको बिना देखे जो दिन बीते हैं, उनको ब्रह्मा गिनतीमें न लावें (हमारी आयुमें शामिल न करें)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 337 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 आजु सुफल जग जनमु हमारा। देखि तात बिधुबदन तुम्हारा।।
English explanation
Dear son, seeing your moonlike face has today made our birth in this world fruitful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आजु | आज | today |
| सुफल | सफल / सार्थक | fruitful |
| जग | संसार में | in the world |
| जनमु | जन्म | birth |
| हमारा | हमारा | our |
| देखि | देखकर | having seen |
| तात | हे प्रिय पुत्र | dear son |
| बिधुबदन | चंद्रमा जैसा मुख | moonlike face |
| तुम्हारा | तुम्हारा | your |
2 जे दिन गए तुम्हहि बिनु देखें। ते बिरंचि जनि पारहिं लेखें।।
English explanation
May Brahma not count in our lifespan the days that passed without seeing you.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो | which |
| दिन | दिन | days |
| गए | बीत गए | passed |
| तुम्हहि | तुम्हें | you |
| बिनु | बिना | without |
| देखें | देखे | seeing |
| ते | उन दिनों को | those days |
| बिरंचि | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the creator |
| जनि | न | not |
| पारहिं | डालें / गिनें | enter / count |
| लेखें | लेखे में | in the reckoning |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.357
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 337
- सहायक विषय
- बारातका अयोध्या लौटना और अयोध्यामें आनन्द
- मुद्रित पृष्ठ
- 337, 337
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।