अयोध्याकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिदा कीन्ह सनमानि निषादू। चलेउ हृदयँ बड़ बिरह बिषादू।।
मूल पाठ
बिदा कीन्ह सनमानि निषादू। चलेउ हृदयँ बड़ बिरह बिषादू।।
कोल किरात भिल्ल बनचारी। फेरे फिरे जोहारि जोहारी।।
स्रोत अभिलेख 2.321 · पुस्तक पृ. 612, 613
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर सम्मान करके निषादराजको विदा किया। वह चला तो सही, किन्तु उसके हृदयमें विरहका बड़ा भारी विषाद था। फिर श्रीरामजीने कोल, किरात, भील आदि वनवासी लोगोंको लौटाया। वे सब जोहार-जोहारकर (वन्दना कर-करके) लौटे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 612 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिदा कीन्ह सनमानि निषादू। चलेउ हृदयँ बड़ बिरह बिषादू।।
English explanation
The Nishada chief was respectfully bid farewell. He departed with deep sorrow of separation in his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिदा | विदा | farewell |
| कीन्ह | किया | gave |
| सनमानि | सम्मान करके | having honored |
| निषादू | निषादराज गुह को | the Nishada chief Guha |
| चलेउ | चला | departed |
| हृदयँ | हृदय में | in his heart |
| बड़ | बड़ा | great |
| बिरह | वियोग का | of separation |
| बिषादू | दुःख | sorrow |
2 कोल किरात भिल्ल बनचारी। फेरे फिरे जोहारि जोहारी।।
English explanation
The Kols, Kiratas, Bhils, and forest dwellers were sent back; they returned after repeatedly offering their respects.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कोल | कोल समुदाय के लोग | people of the Kol community |
| किरात | किरात समुदाय के लोग | people of the Kirata community |
| भिल्ल | भील समुदाय के लोग | people of the Bhil community |
| बनचारी | वन में रहने वाले | forest dwellers |
| फेरे | वापस भेजे गए | were sent back |
| फिरे | लौट गए | returned |
| जोहारि | प्रणाम करके | offering respects |
| जोहारी | बार-बार प्रणाम करके | offering respects again |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अयोध्याकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 2.321
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 612
- सहायक विषय
- भरतजीका अयोध्या लौटना, भरतजीद्वारा पादुकाकी स्थापना, नन्दिग्राममें निवास और श्रीभरतजीके चरित्र-श्रवणकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 612, 613
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।