अरण्यकाण्ड · छंद · छंद
कटकटहिं ज़ंबुक भूत प्रेत पिसाच खर्पर संचहीं।
मूल पाठ
कटकटहिं ज़ंबुक भूत प्रेत पिसाच खर्पर संचहीं।
बेताल बीर कपाल ताल बजाइ जोगिनि नंचहीं।।
रघुबीर बान प्रचंड खंडहिं भटन्ह के उर भुज सिरा।
जहँ तहँ परहिं उठि लरहिं धर धरु धरु करहिं भयकर गिरा।।
स्रोत अभिलेख 3.2 · पुस्तक पृ. 646, 648
भावार्थ
मूल पाठ के बादसियार कटकटाते हैं, भूत, प्रेत और पिशाच खोपडिय़ाँ बटोर रहे हैं [अथवा खप्पर भर रहे हैं]। वीर-वैताल खोपडिय़ोंपर ताल दे रहे हैं और योगिनियाँ नाच रही हैं। श्रीरघुवीरके प्रचण्ड बाण योद्धाओंके वक्ष:स्थल, भुजा और सिरोंके टुकड़े-टुकड़े कर डालते हैं। उनके धड़ जहाँ-तहाँ गिर पड़ते हैं। फिर उठते और लड़ते हैं और 'पकड़ो-पकड़ो का भयङ्कर शब्द करते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 647 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1कटकटहिं ज़ंबुक भूत प्रेत पिसाच खर्पर संचहीं।
English explanation
Jackals make clattering sounds; ghosts, restless spirits, and ghouls gather skull-bowls.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कटकटहिं | कटकट की ध्वनि करते हैं | make clattering sounds |
| ज़ंबुक | सियार | jackals |
| भूत | भूत | ghosts |
| प्रेत | प्रेतात्माएँ | restless spirits |
| पिसाच | पिशाच | ghouls |
| खर्पर | खोपड़ी के पात्र | skull-bowls |
| संचहीं | इकट्ठे करते हैं | collect |
2 बेताल बीर कपाल ताल बजाइ जोगिनि नंचहीं।।
English explanation
Mighty corpse-spirits beat time with skulls, and yoginis dance.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेताल | शव-संबद्ध बेताल प्रेत | corpse-spirits |
| बीर | प्रबल | mighty |
| कपाल | खोपड़ियों से | with skulls |
| ताल | ताल | rhythm |
| बजाइ | बजाकर | beating |
| जोगिनि | योगिनियाँ; अलौकिक स्त्री-शक्तियाँ | yoginis, supernatural female beings |
| नंचहीं | नाचती हैं | dance |
3 रघुबीर बान प्रचंड खंडहिं भटन्ह के उर भुज सिरा।
English explanation
Rama’s fierce arrows sever the warriors’ chests, arms, and heads.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रघुबीर | रघुकुल के वीर राम के | of Rama, hero of Raghu’s line |
| बान | बाण | arrows |
| प्रचंड | प्रचंड | fierce |
| खंडहिं | खंडित करते हैं | sever |
| भटन्ह | योद्धाओं | warriors |
| के | के | of |
| उर | वक्षस्थल | chests |
| भुज | भुजाएँ | arms |
| सिरा | सिर | heads |
4 जहँ तहँ परहिं उठि लरहिं धर धरु धरु करहिं भयकर गिरा।।
English explanation
They fall here and there, rise and fight again, and cry in dreadful voices, ‘Seize! Seize! Seize!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | here |
| तहँ | तहाँ; वहाँ | and there |
| परहिं | गिरते हैं | fall |
| उठि | उठकर | rising |
| लरहिं | लड़ते हैं | fight |
| धर | पकड़ो | seize |
| धरु | पकड़ो | seize |
| धरु | पकड़ो | seize |
| करहिं | करते हैं; पुकारते हैं | utter |
| भयकर | भयानक | frightening |
| गिरा | वाणी; पुकार | cries |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- अरण्यकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 3.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 647
- सहायक विषय
- शूर्पणखाकी कथा, शूर्पणखाका खर-दूषणके पास जाना और खर-दूषणादिका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 646, 648
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।