मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड 7.68
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कथा | story; narrative | |
| पूरी | entire | |
| काकभुशुंडि ने | Kakabhushundi, the crow-sage | |
| वर्णन करके सुनाई | narrated | |
| जिसे | which | |
| मैंने; यहाँ शिव ने | I; here, Shiva | |
| तुमसे; यहाँ पार्वती से | you; here, Parvati | |
| से | to; with | |
| कही; सुनाई | told | |
| हे भवानी, देवी पार्वती | O Bhavani, goddess Parvati |
भावार्थ
हे भवानी, भुशुंडि ने वह पूरी कथा सुनाई जो मैंने तुमसे कही है।
O Bhavani, Bhushundi narrated the entire story that I have told you.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनकर | having heard | |
| सारी | all; the whole | |
| श्रीराम की | Rama’s; of Rama | |
| कथा | story | |
| पक्षियों के स्वामी गरुड़ | Garuda, lord of birds | |
| कहते हैं; कहने लगे | speaks; began to say | |
| वचन; बातें | words | |
| मन में | in his heart | |
| अत्यंत | great; utmost | |
| उत्साह; हर्ष | enthusiasm; joy |
भावार्थ
सारी रामकथा सुनकर पक्षियों के स्वामी गरुड़ मन में अत्यंत उत्साह के साथ वचन कहने लगे।
Having heard the whole story of Rama, Garuda, lord of birds, began to speak with great joy in his heart.
सोरठा · पृ. 972
गयउ मोर संदेह सुनेउँ सकल रघुपति चरित।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गयउ | दूर हो गया | departed |
| मोर | मेरा | my |
| संदेह | संदेह | doubt |
| सुनेउँ | मैंने सुन लिया | I have heard |
| सकल | समस्त | entire |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी श्रीराम का | of Rama, lord of the Raghu dynasty |
| चरित | चरित; जीवन और कर्मों का वर्णन | account of his life and deeds |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: मेरा संदेह दूर हो गया; मैंने श्रीराम का समस्त चरित सुन लिया।
AI-draft meaning: My doubt has departed; I have heard the entire account of Lord Rama’s deeds.
भयउ राम पद नेह तव प्रसाद बायस तिलक॥ ६८ (क)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भयउ | हो गया; उत्पन्न हुआ | arose; came into being |
| राम | श्रीराम के | of Lord Rama |
| पद | चरणों में | at the feet |
| नेह | प्रेम | love |
| तव | आपकी | your |
| प्रसाद | कृपा से | through grace |
बायसटिप्पणी‘बायस तिलक’ काकभुशुण्डि को संबोधन है। / ‘बायस तिलक’ addresses Kakabhushundi. | कौओं में | among crows |
| तिलक | हे श्रेष्ठ; हे गौरवस्वरूप | O foremost one; O crowning glory |
| क | पद्य-संदर्भ का चिह्न ‘क’ | verse reference marker ‘क’ |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: हे कौओं में श्रेष्ठ काकभुशुण्डि, आपकी कृपा से श्रीराम के चरणों में प्रेम हो गया।
AI-draft meaning: O Kakabhushundi, foremost among crows, through your grace I have come to love Rama’s feet.
मोहि भयउ अति मोह प्रभु बंधन रन महुँ निरखि।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझे | to me |
| भयउ | हुआ | arose |
| अति | बहुत | great; intense |
| मोह | भ्रम; समझ का मोह | bewilderment; delusion |
| प्रभु | प्रभु श्रीराम का | of Lord Rama |
| बंधन | बंधा होना; बंधन | being bound; bonds |
| रन | युद्ध | battle |
| महुँ | में | in |
| निरखि | देखकर | having seen |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: युद्ध में प्रभु श्रीराम का बंधन देखकर मुझे बहुत भ्रम हुआ।
AI-draft meaning: Seeing Lord Rama bound in battle, I became deeply confused.
चिदानंद संदोह राम बिकल कारन कवन॥ ६८ (ख)॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
चिदानंदटिप्पणी‘चित्’ और ‘आनंद’ का संयुक्त रूप। / Compound of consciousness and bliss. | चेतना और आनंद | consciousness and bliss |
संदोहटिप्पणी‘चिदानंद संदोह’ श्रीराम का विशेषण है। / ‘चिदानंद संदोह’ describes Rama. | घनसमूह; पूर्ण मूर्त रूप | plenitude; embodiment |
| राम | श्रीराम | Lord Rama |
| बिकल | व्याकुल | distressed |
| कारन | कारण से | for a reason |
कवनटिप्पणी‘कारन कवन’ का अर्थ ‘किस कारण’ है। / ‘कारन कवन’ means ‘for what reason’. | किस | what; which |
| ख | पद्य-संदर्भ का चिह्न ‘ख’ | verse reference marker ‘ख’ |
भावार्थ
एआई-प्रारूप अर्थ: चेतना और आनंद के घनस्वरूप श्रीराम किस कारण व्याकुल हैं?
AI-draft meaning: Why is Rama, the embodiment of consciousness and bliss, distressed?