मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
उत्तरकाण्ड दोहा · पृ. 951
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।16 / 16 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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दोहा
।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | whoever | |
| नहीं | does not | |
| पार होता | crosses over | |
| संसाररूपी | of worldly existence | |
| समुद्र | the ocean | |
| मनुष्य | a person | |
| साधनों का समुच्चय | an assemblage of means | |
| ऐसा | such | |
| पाकर | having obtained |
भावार्थ
एआई-प्रारूप: जो मनुष्य ऐसे साधन पाकर भी संसार-सागर से पार नहीं होता—
AI draft: A person who, despite obtaining such means, does not cross the ocean of worldly existence—
॥ ४४॥
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| वह | that person | |
| किए हुए उपकार का | of the kindness done | |
| निंदा या अनादर करने वाला | one who disparages or disregards | |
| मंदबुद्धि | dull-minded | |
| अपने को नष्ट करने वाले की | of one who destroys oneself | |
| गति या परिणति को | the fate or end | |
| प्राप्त होता है | comes to |
भावार्थ
वह उपकार न मानने वाला मंदबुद्धि मनुष्य आत्मघाती की गति को प्राप्त होता है।
That ungrateful, dull-minded person meets the fate of one who destroys oneself.